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महोबा-आखिर कब उठेगा व्यापारी इंद्रकांत की मौत से पर्दा


🗒 मंगलवार, सितंबर 15 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
महोबा-आखिर कब उठेगा व्यापारी इंद्रकांत की मौत से पर्दा

 गोली कैसे लगी आठ दिन बीतने के बाद भी इसका नहीं हुआ खुलासा
- व्यापारी की मौत के बाद पूरे कबरई में गमगीन माहौल
- बच्चों व पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़, आला अधिकारियों ने दिया न्याय का आश्वासन
- एडीजी मीडिया से हुए रूबरू बोले जल्द ही घटना का होगा खुलासा
परिचय:- मीडिया से रूबरू होते एडीजी प्रेमप्रकाश।
महोबा। आखिर कब उठेगा व्यापारी इंद्रकांत की मौत से पर्दा। यह शब्द सभी की जुबान में है। यह सब जानना चाहते है कि आखिर उसको गोली कैसे लगी। लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस यह अभी तक पता नहीं कर सकी है। व्यापारी की मौत के बाद पूरे कबरई में गमगीन माहौल है और पूरे परिवार के साथ ही बच्चों और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूटा है। आला अधिकारियों ने न्याय का आश्वासन दिया है और एडीजी प्रेमप्रकाश ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा है कि जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा, अभी विवेचना चल रही है। उधर व्यापारी की मौत के बाद सड़कों पर सन्नाटा दिख रहा है और आरोपियों की अब तक गिरफतारी न होने से हर ओर आक्रोश दिखाई दे रहा है। गौरतलब हो कि क्रेशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद सोमवार को कस्बा कबरई का पूरा बाजार बंद रहा था। क्रेशर प्लाटों में ताले लटके रहे तो पहाड़ों में खनन का काम बंद रहा। सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। चैराहों व प्रमुख स्थानों पर पुलिस फोर्स के अलावा कोई भी नजर नही आया। व्यापारी की मौत के बाद पूरा कस्बा शोक में डूबा रहा। गौरतलब हो कि तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने के बाद अज्ञात लोगों द्वारा व्यापारी इंद्रकांत को गोली मार दी गई थी। एक सप्ताह पहले गोली लगने से घायल व्यापारी की रविवार रात मौत हो गई। घटना की सूचना कस्बे में फैलते ही व्यापारियों में गम व गुस्सा नजर आया। घटना को लेकर सोमवार को कस्बा कबरई का मुख्य बाजार समेत गली कूचों की दुकानें भी बंद रही। क्रेशर व पहाड़ों में काम बंद रहा। कस्बे के मोहल्लों से लेकर चैराहों तक सन्नाटा पसरा रहा। चारों ओर पुलिस फोर्स की चहलकदमी नजर आई। अधिकांश लोग दहशत के चलते घरों में कैद रहे। पुलिस मोहल्लों में घूमकर जायजा लेती रही तो पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव कई थानों की पुलिस के साथ मोहल्लों में जाकर जानकारी एकत्र करते रहे। घरों के दरवाजों पर बैठे इक्का-दुक्का लोगों के चेहरों पर उदासी नजर आई। माहौल गमगीन बना हुआ है। सवाल है कि आखिर कब उठेगा व्यापारी इंद्रकांत की मौत से पर्दा। यह शब्द सभी की जुबान में यह सब जानना चाहते है कि आखिर उसको गोली कैसे लगी। लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस यह अभी तक पता नहीं कर सकी है।

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