महोबा-बोलवेल में गिरे छह साल के बालक की हुई मौत

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महोबा-बोलवेल में गिरे छह साल के बालक की हुई मौत


🗒 गुरुवार, दिसंबर 03 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
महोबा-बोलवेल में गिरे छह साल के बालक की हुई मौत


- एसडीआरएफ की टीम के साथ ही मशक्कत करता रहा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
- जैतपुर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले बुधौरा गांव की घटना
- घंटों की मशक्कत के बाद गुरूवार की सुबह निकाला जा सका मासूम
- छह साल के बालक की मौत से परिवार के लोगों का बुरा हाल

बेलाताल/महोबा। खेत में खुदे पडे बोरवेल में बुधवार को खेलते खेलते छह वर्षीय जा गिरा। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है एवं बच्चे को सकुशल वापस निकालने की मशक्कत शुरु की गई। वहीं इस घटना की सूचना मिलने पर लखनउ से 20 सदस्यी एसडीआरएफ टीम भी महोबा पहुंची और बच्चे को निकालने के लिए राहत कार्य शुरू किया। बुधवार की सारी रात यह कार्य चला और एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू आपरेशन किया गया लेकिन गुरूवार की सुबह बच्चे को निकाला जा सका और अस्पताल में लाने पर उसे मृत घोषत कर दिया गया। इसके साथ ही उसके जिंदा रहने की उम्मीद खत्म हो गई और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास खण्ड जैतपुर के निकटवर्ती ग्राम बुधौरा का किसान भागीरथ कुशवाहा अपने परिवार के साथ खेत पर गेहूं की फसल में पानी लगा रहा था। खेत में ही एक ओर भागीरथ का छह वर्षीय बेटा घनेन्द्र खेल रहा था। घनेन्द्र जिस जगह खेल रहा था उसके पास ही बोरवेल खुदा हुआ था। घनेन्द्र खेलते खेलते अनजाने में बोरवेल में जा गिरा। जब भागीरथ और उसकी पत्नी पानी लगाकर फ्री हुए तो उन्होंने खेत में घनेन्द्र को खोजा लेकिन उसका पता नहीं चला। खोजते खोजते जब वे बोरवेल के पास पहुंचे तो बेटे की आवाज सुनकर दंग रह गए। भागीरथ ने इसकी सूचना पास के खेतों में काम कर रहे किसानों को दी। तभी एक ने पुलिस को फोन कर दिया। जानकारी लगते ही पुलिस चैकी बेलाताल, कुलपहाड से उपजिलाधिकारी  मोहम्मद अवेश, सामु.स्वा. केन्द्र बेलाताल के चिकित्सक एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर स्टेशन की गाडी, एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंची। . जेसीबी मशीन आदि को भी मंगाकर खुदाई कार्य प्रारम्भ किया गया। इस घटना की सूचना मिलने पर लखनउ से 20 सदस्यी एसडीआरएफ टीम भी महोबा पहुंची और बच्चे को निकालने के लिए राहत कार्य शुरू किया। तो वहीं जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार तथा पुलिस अधीक्षक अरूण श्रीवास्तव भी मौके का जायजा लेने जा पहुचे जहां उन्होन बच्चे को शीघ्र ही बाहर निकालने के लिए निर्देेशित किया। बुधवार की सारी रात यह कार्य चला और एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू आपरेशन किया गया लेकिन गुरूवार की सुबह बच्चे को निकाला जा सका और अस्पताल में लाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। मासूम की जान नहीं बच सकी। लगातार एसडीआरएफ का एनडीआरएफ के साथ रेस्क्यू चलता रहा। एसडीआरएफ के सेनानायक आईपीएस डा. सतीश कुमार मशक्कत करते रहे। इसके साथ ही उसके जिंदा रहने की उम्मीद खत्म हो गई और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। वहीं जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे बच्चे के परिजनो से जिलाधिकारी तथा पुलिस अधिक्षक ने मुलाकात की और उन्हे सांतवना दी।