कोरेाना काल में अनाथ हुये बच्चो को राहत पहुंचाने में जुटा महिला एवं बाल विकास विभाग

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कोरेाना काल में अनाथ हुये बच्चो को राहत पहुंचाने में जुटा महिला एवं बाल विकास विभाग


🗒 बुधवार, मई 12 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
कोरेाना काल में अनाथ हुये बच्चो को राहत पहुंचाने में जुटा महिला एवं बाल विकास विभाग


- महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलाधिकारी से  महामारी से अनाथ हुये बच्चो की मांगी सूची
- अनाथ हुये बच्चो के जीवन में फिर से नया उजाला लाने के लिए राहत कार्य में जुटा विभाग
- कोरोना के प्रकोप से अनाथ हुये बच्चे की पहचान होने पर दे सकते है चाइल्डलाइन 1098, 181 पर सूचना
- सूची एकत्रित कर 15 मई तक आयोग को भेजने की कही बात
महोबा। कोरोना महामारी के प्रकोप से अनेको जिन्दगियां काल के गाल में समां चुकी है। किसी ने अपनी माँ को खोया तो किसी ने पिता को इस संक्रमण के प्रकोप ने अनेको लोगो की जीवन लीला समाप्त कर दी है। आलम यह है कि जिन घरो में बच्चो की किलकारियां गूजती थी आज वही बच्चे अपने माता-पिता के दूर जाने से गुमशुदा सा जीवन व्यतीत कर रहे है। हंसी खुशी की गूंज से भरा माहौल मातम में बदल चुका है अनेको ऐसे परिवार है जो इस महामारी के कारण उजड़ गये है। ऐसे परिवार के बच्चो को फिर से नई जिन्दगी देने तथा उन तक राहत पहुचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुये एक अनोखी पहल की है। सरकार ने महामारी के कारण अनाथ हुये बच्चो की सूची प्राप्त कर उनको राहत पहुंचाने का निर्णय लिया है। जिससे उनके जीवन मे दोबारा से उजाला लाया जा सके।
 प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग वी. हेकाली झिमोमी ने सभी जिलाधिकारी को कोविड-19 से प्रभावित/अनाथ हुए 18 साल से कम उम्र के बच्चों की पहचान कर सूची तैयार करने को कहा है। इस सूची को 15 मई तक निदेशक, महिला कल्याण और राज्य बाल संरक्षण आयोग को भेजनी है ताकि ऐसे बच्चों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। महिला कल्याण विभाग का कहना है कि इस सूची को तैयार करने में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गठित निगरानी समितियों की मदद ली जा सकती है। इसके साथ ही विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड लाइन (1098) और जिला बाल संरक्षण इकाई भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए इस प्रकार के बच्चों के बारे में सूचनाएँ प्राप्त होने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी या बाल कल्याण समिति को तत्काल मुहैया कराएंगी। ऐसे बच्चो के भविष्य में सुधार के लिए लोगो से अपील भी की जा रही है कि वे अपने आस-पास मौजूद महामारी के प्रकोप के कारण अनाथ हुये बच्चो की पहचान होने पर तुरन्त 1098 चाइडलाइन को सूचित कर सकते है। ऐसा करने से किसी अनाथ को राहत पहुंचाने में मदद हो सकेगी तो वहीं बच्चे के जीवन में खुशियां लाने में आपका भी योगदान माना जायेगा। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं, स्वयंसेवी कार्यकर्ता भी बच्चो की पहचान करने तथा उनकी सूची तैयार करने में मदद कर सकते है।
इन्सेट
महामारी के प्रकोप से अनाथ बच्चो की जानकारी देने की करी अपील
महोबा। महामारी के कारण अनाथ हुये बच्चो को राहत पहुुंचाने के लिए जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने जनता से अपील की है कि ऐसे बच्चे जो कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुये है। उनकी जानकारी मिलने पर तुरन्त साझा करें जिससे इन बच्चो के जीवन में दोबारा से उजाला लाया जा सके। वहीं जिला प्रोवेशन अधिकारी सुधीर त्यागी ने भी जनपदवासियो से महामारी के कारण अनाथ हुये बच्चो की पहचान होने पर तुरन्त प्रोवेशन कार्यालय में सूचना देने की बात कही। जिससे उन्हे राहत दिलायी जा सके। इस दौरान चाइल्डलाइन महोबा-हमीरपुर के डायरेक्टर मनोज कुमार ने भी बच्चो के मध्य पुनः खुशी वापस लाने के लिए आवाम से अपील की है कि वे महामारी के कारण अनाथ हुये बच्चो की सूचना 1098 पर काॅल करके दे सकते है। जिससे इन अनाथ बच्चो की खुशियों को दोबारा से रोशन करने में हर सम्भव कदम उठाया जा सके।

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