मरीजों की तलाश को शुरू हुई घर-घर दस्तक

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मरीजों की तलाश को शुरू हुई घर-घर दस्तक


🗒 मंगलवार, जुलाई 13 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
मरीजों की तलाश को शुरू हुई घर-घर दस्तक


- कुपोषित बच्चों व टीबी मरीजों पर रहेगा फोकस
- जिले में 25 जुलाई तक चलेगा दस्तक अभियान
महोबा। जनपद में बुखार, टीबी, कुपोषण, फाइलेरिया-डिफॉरमेटी, मौसमी बीमारियों के मरीजों की खोज के लिए शुरू हुए अभियान में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर दस्तक दी। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के बाहर स्टीकर लगाकर लोगों को साफ सफाई के प्रति जागरूक किया। नागरिकों को अपने आसपास गंदे पानी को न एकत्रित होने देने की सलाह दी गई। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार व मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एमके सिन्हा के निर्देशन पर पहली जुलाई से चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सोमवार को दस्तक अभियान की भी शुरूआत हो गई। यह 25 जुलाई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षित फ्रंट लाइन वर्कर्स घर-घर भ्रमण कर रोगों के नियंत्रण एवं उपचार के लिए नागरिकों को जागरूक करेंगे। जिला मलेरिया अधिकारी आरपी निरंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों तथा विभिन्न रोगों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर सूचीबद्ध भी किया जाएगा। मुख्य रूप से बुखार, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस, टीबी व कुपोषित बच्चों पर विशेष फोकस किया गया है। सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राधेश्याम यादव ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में भी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जो घर-घर जाकर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक और स्वच्छता के प्रति प्रेरित रह रही हैं। एक हफ्ते से ज्यादा बुखार या खांसी वाले लोगों तथा कुपोषित बच्चों एवं फाइलेरिया डिफॉरमेटी पर विशेष ध्यान होगा। कुपोषित बच्चों की सूची बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को सौंपी जाएगी। इसके माध्यम से बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में रेफर किया जाएगा। इसी तरह टीबी के मरीजों की सूची क्षय रोग विभाग को भेजी जाएगी।