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एसडीएम को शिकायती पत्र सौप न्याय की लगाई महिला ने गुहार


🗒 सोमवार, जुलाई 19 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
एसडीएम को शिकायती पत्र सौप न्याय की लगाई महिला ने गुहार


- महिला ने लगाया आरोप जेठ, पति की मृत्यु के बाद बनवा रहा फर्जी वारिस प्रमाण पत्र
कुलपहाड़/महोबा। धोखा-धड़ी के अनेको मामले सामने आते है जिसमें लोग अपने ही सगे सम्बन्धियो के साथ धोखा करते हुये उनकी आंखो में धूल झोकने का कार्य करते है। ऐसा ही माला थाना अजनर क्षेत्र का सामने आया है जहां की निवासिनी महिला ने एसडीएम को एक शिकायती पत्र सौपते हुये न्याय की गुहार की गई। सौपे गये शिकायती पत्र में बताया गया है कि महिला के पति की मौत के बाद फर्जी तरीके से जिम्मेदारो की मिलीभगत से जेठ द्वारा वारिस प्रमाण पत्र बनवाया जा रहा था। जिसकी भनक लगते हुये तुरन्त महिला ने एसडीएम से शिकायत करते हुये उचित कार्यवाही की बात की है तथा नया वारिस प्रमाण पत्र उसके नाम जारी किए जाने की मांग की है।
संगीता पत्नी स्व० बालकिशन ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि मेरे पति की मृत्यु मार्च 2021 में हो गई थी, जिसके दो छोटे छोटे बच्चे पारस 5 वर्ष तथा कृष्ण कुमार 2 वर्ष हैं, लेकिन पति की मृत्यु के बाद ससुर वृन्दावन व जेठ दयाराम ने मुझे घर से निकालकर बेदखल कर दिया था, जिस कारण छतरपुर में एक किराए के मकान में रहकर अपना जीवन यापन कर रही है। इस बीच ससुर व जेठ ने पीड़िता व बच्चों को बेदखल कर दिया और फर्जी तरीके से जिम्मेदारो से मिलकर अपने नाम नया वारिस प्रमाण पत्र जारी कराने में लगे हुए है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मेरे ससुर के नाम 30 बीघा जमीन है, जिसे जेठ दयाराम पूरी हड़पना चाहते हैं, जिस कारण वारिस प्रमाण पत्र जारी कराना चाहते हैं। पीड़िता ने उपजिलाधिकारी सुथान अब्दुल्ला को शिकायती पत्र देकर वारिस प्रमाण पत्र रोके जाने की मांग की है। जिस पर उपजिलाधिकारी ने तहसीलदार को जांच कर वेवा पीड़िता का नाम वारिस प्रमाण पत्र में जोड़े जाने के आदेश दिए हैं।