यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

मैनपुरी जिला जेल में बंदी की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया जाम


🗒 शनिवार, जुलाई 20 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
 मैनपुरी जिला जेल में बंदी की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया जाम

अवैध शराब की धंधेखोरी के आरोपित बंदी की शनिवार को मैनपुरी जिला जेल में हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया, परंतु रास्ते में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को ही आरोपित को जेल भेजा गया था। बंदी के परिजनों ने पुलिस पर यातनाएं देने से बंदी की मौत हो जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। बमुश्किल अधिकारी जाम खुलवाने में एक घंटे बाद सफल हो सके। तहसील किशनी के गांव महगवां निवासी छोटेलाल व उसके भाई दुर्गेश को किशनी पुलिस ने यूरिया मिश्रित शराब के साथ गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जिले भेज दिया गया। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे छोटेलाल को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जेल अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को ही बंदी की हालत खराब थी। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जेल के चिकित्सकों के मुताबिक पूर्व में अधिक शराब पीने के कारण उसकी हालत बिगड़ी है। शनिवार को स्थिति गंभीर होने पर जेल अस्पताल से जिला अस्पताल लाया गया था। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस ने किशनी पुलिस के माध्यम से परिजनों को सूचना दी तो गांव की तमाम महिलाएं व पुरुष जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का आरोप था कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छोटेलाल की बेरहमी से पिटाई की थी। छोटेलाल के शरीर पर काफी चोटें आई थीं। उन्हीं चोटों के कारण छोटेलाल की मौत हुई है। 

परिजनों ने किशनी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में परिजन और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया। महिलाएं सड़क पर लेट गई। पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। जाम की सूचना मिलने पर एएससी ओमप्रकाश सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। समझा बुझाकर एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। बंदी की मौत की सूचना पर एसडीएम सदर रजनीकांत भी जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्हीं की देखरेख में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बंदी की मौत की वजह क्या है इसको लेकर चिकित्सक भी कोई जानकारी नहीं दे पाए है। एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चल सकेगा। उसी आधार पर कार्रवाई होगी।पुलिस के मुताबिक बंदी छोटेलाल व उसका भाई लंबे अरसे से अवैध शराब की धंधेखेारी कर रहा था। उसके खिलाफ शराब के अलावा लूट व गैंगस्टर के तहत आपराधिक मामले थाने में दर्ज है। बंदी के भाई दुर्गेश के खिलाफ शस्त्र फैक्ट्री संचालन व अन्य आरोपों में मामले दर्ज है। उसके पिता का भी आपराधिक इतिहास है। इंस्पेक्टर किशनी रमाकर सिंह ने बताया कि छोटेलाल के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप झूठा है।बंदी छोटेलाल को शुक्रवार को जेल लाया गया था। उसकी हालत ठीक नहीं थी। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। शनिवार को हालत बिगड़ते ही उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया था। बंदी के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। 

हरिओम शर्मा, जेल अधीक्षक