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शर्मा अपहरणकांड, चाचा ने रची साजिश, 48 घंटे-48 पुलिसकर्मियों ने खोजा बच्चा


🗒 सोमवार, मार्च 14 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
शर्मा अपहरणकांड, चाचा ने रची साजिश, 48 घंटे-48 पुलिसकर्मियों ने खोजा बच्चा

मथुरा, । उत्तर प्रदेश के मथुरा में यश अपहरकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। चाचा ने ही अपने दो साथियों के साथ मिलकर फिरौती को के लिए अपने रिश्ते के भतीजे का अपहरण किया था। सोमवार को पुलिस ने यश शर्मा अपहरण कांड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य अपहरणकर्ता को सलाखों के पीछे भेज दिया। दो आरोपित अभी फरार हैं। उनकी तलाश को पुलिस टीम को लगी हुई है।थाना गोविंद नगर क्षेत्र के सरस्वती कुंड जमुना विहार कालोनी निवासी परमानंद शर्मा के आठ वर्षीय पुत्र यश शर्मा का 11 मार्च की सुबह करीब दस बजे घर के सामने से अपहरण कर लिया गया था। करीब सवा एक बजे परमानंद के मोबाइल पर काल यश शर्मा की रिहाई को छह लाख रुपये मांगे गए थे। रविवार को पुलिस ने फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र से यश को बरामद कर स्वजन की सिपुर्दगी में दे दिया था।एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने अपहरण कांड का पर्दाफाश करते हुए बताया, हाईवे स्थित केडी मेडिकल कालेज के थाना गोविंद नगर क्षेत्र मसानी चौराहा कच्ची सड़क निवासी राहुल उर्फ रोबिन पंडित को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित राहुल रिश्ते में परमानंद शर्मा के चाचा रामप्रकाश का पुत्र है। राहुल ने फिरौती वसूलने को अपने ही साथी वृंदावन निवासी गोपाल और बिहार के रहने वाले शिवम के साथ मिलकर यश का अपहरण किया था। इस मौके पर सीओ सिटी अभिषेक तिवारी और थाना गोविंद नगर प्रभारी संजय कुमार पांडेय भी मौजूद रहे।राहुल और गोपाल दोनों काफी दिनों से एक-दूसरे के परिचित थे। राहुल छह माह से फरीदाबाद में नगला गूजरान चाचा चौक में किराए के मकान में रह रहा था। वहीं एक फैक्ट्री में काम करता था। शिवम से राहुल की मुलाकात फरीदाबाद में हुई। यश पहले से राहुल को जानता था।राहुल और शिवम मोटरसाइकिल पर यश को आराम से बैठाकर ले गए और गोपाल उनके साथ था। यहां से वह यश को फरीदाबाद ले गए और फरीदाबाद पहुंच कर फिरौती के लिए काल की। फरीदाबाद से शिवम बालक को लेकर आगरा होते हुए फिरोजाबाद पहुंचा। वहां राहगीरों को गुमराह करके उनके मोबाइल से फिरौती के लिए काल भी कर रहा था।48 घंटे तक 48 पुलिसकर्मी दिनरात पलवल, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, भरतपुर, जयपुर, आगरा और फिरोजाबाद तक दौड़ते रहे। सीसीटीवी से पुलिस को मदद मिली तो सर्विलांस की टीम हर काल को ट्रेस करते हुए आरोपितों का पीछा करती रही। एसओजी धरपकड़ करती रही और अंत में पुलिस ने सकुशल बालक यश को बरामद करने में सफल हो गई। इस टीम को एडीजी जोन ने 50 हजार रुपये का इनाम भी दिया है।