गौवंश कंकाल पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों का बनाया निशाना, 15 निर्दोष पुलिस हिरासत में

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गौवंश कंकाल पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों का बनाया निशाना, 15 निर्दोष पुलिस हिरासत में


🗒 सोमवार, मार्च 21 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
गौवंश कंकाल पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों का बनाया निशाना, 15 निर्दोष पुलिस हिरासत में

रविकान्त तोमर, ब्यूरो प्रमुख
मथुरा। गत रविवार की रात्रि थाना जैंत क्षेत्र के अंतर्गत गांव राल के चौराहे पर बोलेरो पिकप में गौवंश के कंकाल होने की शक पर हुए भारी बवाल में अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज हुई हैं। गौरक्षा सेवा समिति के पदाधिकारी वृंदावन निवासी विकास शर्मा पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा ने थाना जैंत पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि अपने साथी बलराम ठाकुर, सचिन व श्याम के साथ गोवर्धन से रात्रि 8 बजे भागवत कथा से लौट रहे थे। उसी समय राल में बीच रास्ते पर एक बोलेरो पिकप गाड़ी से बुरी तरह बदबू आ रही थी। जिसकी सूचना थाना प्रभारी जैंत सुशील कुमार योगी को दी गई। हमारे द्वारा गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया और चैक किया तो उसमें पशु अवशेष मिले। गायों के सिर व अन्य पशुओं के कंकाल दिखाई पड़े। तभी वहां पर उपस्थित कस्बा राल के लोगों ने हमको चारों तरफ से घेर लिया और मारपीट करने लगे। जिनमें 14 नामजद व 120 से 150 अज्ञातों पर गंभीर 10 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा इसी मामले में औरंगाबाद सिकंदराराऊ हाथरस निवासी आमिर पुत्र भूरा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गोवर्धन निवासी रामेश्वर बाल्मीकि के यहां से सिकंदराराऊ निवासी पप्पन पुत्र गेंदा की गाड़ी में मृत जानवरों के अवशेष व हड्डियों को लेकर सिकंदराराऊ हाथरस जा रहा था। मेरे साथ मेरे दो साथी सिकन्दराराऊ हाथरस निवासी कासिम व बर्रु भी थे। यह अवशेष में वकील नामक व्यक्ति के कहने पर अयूब की हड्डी फैक्ट्री के लिए लेकर जा रहा था। उसी समय रात्रि 8 बजे जैसे ही गांव राल में पहुंचा तो तभी विकास शर्मा पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा निवासी वृंदावन व बलराम ठाकुर पुत्र नत्थन सिंह निवासी वृंदावन ने मेरी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर मुझे रोका और पूछा कि गाड़ी में क्या है। तो मैंने बताया कि इसमें मैं मृत जानवरो के अवशेष गोवर्धन से सिकंदराराऊ लेकर जा रहा हूं। तभी विकाश शर्मा व उसके साथियों व गांव के करीब 26 नामजद व कुछ अज्ञात लोगों ने मारपीट व गाड़ी में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। सभी लोग गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर, नारेबाजी करते हुए गाड़ी पर पथराव करने लगे। जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया व लोगों में दहशत फैल गई। इन लोगों ने मेरी गाड़ी को भी पलट दिया। तभी गांव के कुछ लोगों व पुलिस ने मुझे बमुश्किल बचाया। पुलिस ने गंभीर 9 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि योगी सरकार में भी पुलिस मनमानी करने से बाज नहीं आ रही है। पुलिस को जो कार्रवाई गौतस्करों पर करनी चाहिए वह कार्रवाई निर्दोष ग्रामीणों पर की जा रही है। गांव के करीब 15 निर्दोषों को थाने में बंद कर रखा है। इसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की जाएगी। पुलिस के इस मनमाने रवैये से तो लोग घटना की सूचना भी नहीं दे पाएंगे। इस बारे में एसपी सिटी एमपी सिंह का कहना है कि घटना का संज्ञान लेते हुए दो एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। निष्पक्ष विवेचना के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।