मऊ में रिटायर्ड अध्यापिका हत्याकांड का पर्दाफाश

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मऊ में रिटायर्ड अध्यापिका हत्याकांड का पर्दाफाश


🗒 रविवार, जुलाई 11 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मऊ में रिटायर्ड अध्यापिका हत्याकांड का पर्दाफाश

मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के शिवनगर कालोनी निवासी रिटायर्ड अध्यापिका हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर लिया है। हत्याकांड में शामिल दो हत्यारोपियों को साईं फार्मेंसी स्कूल के समीप से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से एक टीवी, सेट टाप बाक्स मय रिमोट व चार्जर, मृतका के कान का टप्स, एक अंगूठी, मोबाइल फोन मय चार्जर, एक मोटरसाइकिल तथा घटना में प्रयुक्त एक अदद लकड़ी का पटरा बरामद बरामद किया गया है। पुलिस के सामने दोनों लूट के लिए हत्या की बात स्वीकार की है।2017-18 में शिक्षक पद से सेवानिवृत्त होेने के बाद आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना क्षेत्र की बस्ती निवासी गीता पांडेय ने बलिया मोड़ स्थित शिवनगर कालोनी में जमीन खरीदकर मकान बनवाया था। उनकी तीन बेटियां हैं। वह यहां निरंतर दो वर्षों से अकेली रह रही थीं। बीते 05 जुलाई को ताला बंद बक्शे से पुलिस ने उनका शव बरामद किया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शहर कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सीओ धनंजय मिश्रा ने बताया कि रविवार को ढेकुलियाघाट पुल पर मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति एक मोटरसाइकिल से कुछ बेचने जा रहे हैं। इस पर कोतवाली पुलिस साईं फार्मेंसी स्कूल के समीप से दोनों को पकड़ने की कोशिश की तो वह भागने लगे। इस पर पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया।गिरफ्तार लोगों में कोपागंज थाना के पतिला जमीन पतिला निवासी श्रीप्रकाश मौर्य पुत्र जयनाथ मौर्य व अमन राय पुत्र संजय राय शामिल हैं। पूछताछ में गिरफ्तार श्रीप्रकाश मौर्य ने बताया कि वह मृतका के घर पर डेढ़ साल से आता जाता था। करीब डेढ़ माह पूर्व उनसे एक लाख रुपया मांगा था लेकिन उन्होंने बहाना कर मना कर दिया था। घटना के करीब एक हफ्ता पूर्व मैं और अमन राय ने योजना बनाई कि गीता पांडेय अकेले रहती है। उनके पास काफी धन व जेवरात होंगे। उनकी हत्या कर दिया जाय तो घर में काफी सामान व पैसा मिल जाएगा। इस योजना के तहत दोनों घटना वाले दिन धान फैलाने वाला पालिथीन का बड़ा टुकड़ा झोले में रखकर दोपहर करीब दो बजे गए और गीता पांडेय की गला कसकर हत्या कर दी। उसके बाद उनके शव को बक्शे में रखकर ताला बंद कर दिया। गीता के पहने चश्मे को लोगो को धोखा देने के लिए विस्तर पर रख दिया था।घर में तलाशी के दौरान कोई गहना व पैसा नहीं मिला सिर्फ दो सौ रुपये मिले थे। इसके बाद घर में लगे एलसीडी टीवी, मोबाईल सेट आफ बाक्स चार्जर आदि लेकर घर में बाहर से ताला लगाकर सामान लेकर गांव चले आए। मृतका की छोटी मोबाइल व घर की चाबियों को सिकटिया पुल से जंगल में फेक दिया था। गिरफ्तार करने वाले टीम में कोतवाल धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, आरक्षी पिंटू कुमार, अरविंद कुमार, रौशन कुमार, चालक रामप्रवेश सिंह शामिल थे।