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मेरठ मे नशे के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 28 किलो गांजा, चार किलो चरस व 220 किलो भांग के साथ चार गिरफ्तार


🗒 शनिवार, सितंबर 19 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मेरठ मे नशे के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 28 किलो गांजा, चार किलो चरस व 220 किलो भांग के साथ चार गिरफ्तार

एएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने चार लोगों को पकड़कर नशे के धंधे का भंडाफोड़ कर दिया। यह धंधा चलाने वाले दोनों सरगना मौके से भाग गए। उनके तार कई राज्यों से जुड़े हैं। गोदाम से 28 किलो गांजा, चार किलो चरस और 220 किलो भांग बरामद की गई। मामले की जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को भी दी गई है। यहां से कई राज्यों में नशीला पदार्थ सप्लाई किया जा रहा था। एएसपी इरज राजा ने बताया कि शनिवार को लालकुर्ती थाने के घोसी मोहल्ले में मूलचंद के मकान पर छापा मारा। एसओ लालकुर्ती रवेंद्र पलावत की टीम भी साथ थी। यह मकान पाबली खास मोदीपुरम के सतेंद्र और मवाना के राजू ने किराए पर ले रखा था। मकान को गोदाम बनाकर नशे का धंधा चलाया जा रहा था। गोदाम के अंदर चरस, गांजा और भांग की पैकिंग चल रही थी।पुलिस ने यहां से रतन कुमार निवासी खसौरा हरदोई, राजकुमार निवासी सुभाष नगर सिविल लाइन, जुगल निवासी जामुन मोहल्ला लालकुर्ती और मोनू यादव निवासी शक्ति नगर दिल्ली रोड को पकड़ लिया। पुलिस के छापे के दौरान सतेंद्र और राजू चौहान भाग गए। पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि सतेंद्र और राजू ही नशे का धंधा चला रहे हैं। उनका काम नशीले पदार्थ की पैकिंग करना और आर्डर पहुंचाना है। सतेंद्र और राजू के बागपत और मेरठ में शराब और भांग के कई ठेके हैं। पुलिस ने चारों आरोपितों का चालान कर दिया। सतेंद्र और राजू की धरपकड़ को टीमें लगा दी गई हैं।एएसपी ने बताया कि सतेंद्र और राजू के शराब और भांग के ठेकों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। दोनों आरोपित ठेके की आड़ में प्रतिबंधित नशे की खेप सप्लाई करते थे। पुलिस उनके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। हर सप्ताह बाहर से नशे का सामान उनके गोदाम पर उतरता था। यहां से शहर एवं अन्य राज्यों को सप्लाई दी जाती थी। पुलिस ने मौके से सतेंद्र के साले सतीश निवासी शामली को भी पकड़ा था। उसे थाने लाने के बाद छोड़ दिया गया। सूत्रों के अनुसार सतेंद्र की पहुंच कई नेताओं तक है। सतेंद्र ने पुलिस पर दबाव बनाकर सतीश को छुड़वा लिया है। इस पर एएसपी का कहना है कि सतीश दवाई लेने आया था। वह छापे के समय सतेंद्र से मिलने गोदाम पर आ गया। उसका इस धंधे से कोई वास्ता नहीं है।

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