भांजा बनाता और मौसी बाजार में चलाती थी नकली नोट

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भांजा बनाता और मौसी बाजार में चलाती थी नकली नोट


🗒 मंगलवार, जनवरी 05 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
भांजा बनाता और मौसी बाजार में चलाती थी नकली नोट

मेरठ,। केरल के प्रशांत ने हिस्ट्रीशीटर सिकंदर के साथ मिलकर नकली नोट छापने की प्लानिग की थी। योजना पर अमल करते हुए सिविल लाइन के सुभाष नगर में किराये का मकान लेकर नकली नोट छपाई का काम शुरू किया गया था। सिकंदर का साथी सिवाया का रोबिन नकली नोट तैयार करता था। मौसी सुमन और मौसेरी बहन माही इन नकली नोटों को बाजार में चलातीं थीं। गंगानगर में मां-बेटी को एक दुकानदार ने रंगेहाथ नकली नोट चलाते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने मां-बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो गिरोह का राजफाश हो गया। पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपित अभी फरार है। आरोपितों के कब्जे से 5,42,400 के नकली नोट और 97,500 रुपये अधबने नोट बरामद हुए हैं। इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा ने बताया कि गंगानगर में दुकानदार के पास पांच सौ का नकली नोट लेकर पहले माही और उसकी मां सुमन पहुंची थीं। तभी दुकानदार ने शक के आधार पर गंगानगर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मां-बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद पूरे गैंग का राजफाश कर दिया।इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा ने बताया कि केरल का रहने वाला प्रशांत खरखौदा से नकली नोट की सप्लाई करने में जेल जा चुका था। जेल में ही विनोद और सिकंदर की प्रशांत से मुलाकात हुई। वहीं पर प्रशांत ने दोनों को नकली नोट बनाने की प्लानिग बताई। जेल से छूटने के बाद तीनों ने सुभाष नगर में किराए का मकान लिया। उसके बाद कलर प्रिटर और कागज लेकर नोट की छपाई शुरू कर दी। विनोद ने अपनी दूसरी पत्नी के बेटे रोबिन को भी नकली नोट की छपाई में हिस्सेदार बना लिया। दरअसल, रोबिन जेपी इंस्टीट्यूट से होटल मैनेजमेंट कर चुका है। रोबिन ने नोट चलाने के लिए अपनी मौसी सुमन और उसकी बेटी माही को भी झांसे में ले लिया। नकली नोट बाजार में चलाने पर उन्हें आधी रकम दी जाती थी। यानि पांच सौ का नोट चलाने पर ढाई सौ रुपये उनके हो जाते थे। जनपद में सुमन और उसकी बेटी माही, जबकि बुलंदशहर में विनोद और सिकदर तथा रोबिन भी अन्य जनपदों में नकली नोट चलाते थे। पूछताछ में रोबिन और सिकंदर ने बताया कि हापुड़, दिल्ली, गाजियाबाद में भी पांच लाख के नकली नोट चला चुके हैं। नकली नोटों का धंधा चलने के बाद प्रशांत को कविनगर और सिभावली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जो हाल में डासना जेल में बंद है। सिकंदर पिलखुआ थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस पकड़े गए आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

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