मेरठ में 200 लोगों को ठगने वाले दो शातिर गिरफ्तार

यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

मेरठ में 200 लोगों को ठगने वाले दो शातिर गिरफ्तार


🗒 रविवार, जुलाई 18 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मेरठ में 200 लोगों को ठगने वाले दो शातिर गिरफ्तार

मेरठ,। पुलिस ने करीब 200 लोगों को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दो आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए और दो शातिर फरार हैं। आरोपित बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर लोगों को शिकार बनाते थे। पकड़े गए दोनों शातिरों ने गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में वारदात को अंजाम देने की बात कुबूल की है। गिरोह पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।एसएसआइ गौरव राणा ने बताया कि कुछ समय पहले सरधना थाना क्षेत्र के दबथुवा निवासी कुशल से भी गिरोह ने मोबाइल और रुपये ठग लिए थे। पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, तभी से पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी थी। रविवार को टीम ने कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के तेज विहार निवासी पंकज और कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के ही कृष्णा विहार निवासी सुमित को भैंसाली डिपो के पास से गिरफ्तार किया। वे यहां वारदात की फिराक में थे। उनके दो साथी हापुड़ के चितौली निवासी अफसार और बंटी हाल पता शिवपुरम थाना ब्रह्मापुरी फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।पुलिस के अनुसार चारों आरोपित बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर आसपास ही रहते थे। रूट के हिसाब से बस या ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री को एक आदमी बातों में उलझाकर यह पूछता था कि उन्हें कहां जाना है। पता लगने पर थोड़ी ही देर में दूसरा शातिर खुद को बैंक की गाड़ी का ड्राइवर बताते हुए उसी रूट पर जाने की बात कहकर व्यक्ति को झांसे में ले लेता था। इसके बाद चौथा आरोपित भी खुद को यात्री बता उसी रूट पर चलने की बात कहता था। खुद को चालक बताने वाला शातिर बैंक की गाड़ी में चेकिंग होने की बात कहकर दिखावे के तौर पर एक पालीथिन में अन्य तीनों शातिरों के मोबाइल व अन्य सामान रखवा लेता था। इसी तरह यात्री से भी सामान एक पैकेट में रखवाकर मौका मिलते ही उस पैकेट को बदल देते थे। कुछ दूर गाड़ी खड़ी बताकर लेने के बहाने चालक फरार हो जाता था, इसके बाद तीनों शातिर भी नौ-दो ग्यारह हो जाते थे। कुछ देर इंतजार के बाद जब व्यक्ति पैकेट खोलकर देखता तो उसे खुद से ठगी होने की जानकारी मिलती थी।