यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

चार बच्चों को जहर खिलाने के बाद खुद भी खाया


🗒 मंगलवार, अगस्त 17 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
चार बच्चों को जहर खिलाने के बाद खुद भी खाया

मीरजापुर, । चुनार कोतवाली क्षेत्र के लोवर लाइंस स्थित कांशीराम आवास में रहने वाले एक युवक ने अपने चार मासूम बच्चों को भोजन में विषाक्त पदार्थ मिला कर देने के बाद स्वयं भी उसका सेवन कर लिया। कुछ देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी तो पड़ोस के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां स्थिति गंभीर देख चिकित्सक ने सभी को मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर चिकित्सक ने पिता राजेश और बेटे विजय व बेटी सुमन देखने के बाद मृत घोषित कर दिया जबकि दो बच्चों को गंभीर अवस्था में भर्ती कर लिया।युवक के आत्मघाती कदम की वजह पता नहीं चल सका, लेकिन पड़ोस वालों का कहना है कि घर में अक्सर पति-पत्नी में कलह होता था।कांशीराम आवास लोवर लाइंस में राजेश (35) पुत्र बिहारी राजमिस्त्री अपने परिवार के साथ रहता था। वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। वहीं इसकी पत्नी गीता भी लोगों के घरों में घरेलू काम कर जीविकोपार्जन में पति का हाथ बंटाती है। आवास में रहने वालों की मानें तो अक्सर दोनों में कहासुनी होती थी। मंगलवार को दोपहर में गीता अपने काम से गई थी और घर में चारों बच्चे साधना (नौ) विजय (आठ), सुमन (छह) व धीरज (पांच) अपने पिता के साथ थे। इसी दौरान राजेश ने चावल-दाल में विषाक्त पदार्थ मिलाकर पहले बच्चों को खिला दिया और फिर खुद भी खा लिया। कुछ देर बाद जब सभी की हालत बिगड़ने लगी तो बच्चे शोर मचाने लगे।शोरगुल सुनकर पड़ोस के लोग पहुंचे तो राजेश ने सभी को जहर देने की बात कही। यह सुन लोग सभी को पीएचसी ले गए। मंडलीय चिकित्सालय पहुंचने पर पिता राजेश, बेटे विजय को चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया जबकि सुमन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। साधना व धीरज की हालत नाजुक बनी हुई है। अभी तक घटना की वजह पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी को माना जा रहा है।अहरौरा का रहने वाला है राजेश मूल रूप से राजेश अहरौेरा के पटिहटा गांव का रहने वाला है। शुरूआत में कोई काम न करने के कारण उसकी पत्नी गीता अपने पिता के नाम पर चुनार में मिले कांशीराम आवास में आकर रहने लगी। यहीं पर राजेश भी आकर रहने लगा। काम नहीं लगने पर घर का खर्च चलाने को लेकर अक्सर दोनों में विवाद होता रहता था।