यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

राष्ट्रपति चुनाव का इसी हफ्ते हो सकता है एलान


🗒 मंगलवार, जून 07 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
राष्ट्रपति चुनाव का इसी हफ्ते हो सकता है एलान

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उलटी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग इस हफ्ते में इसका कभी भी एलान कर सकता है। ज्यादा संभावना है कि इसका एलान 10 या 11 जून को ही कर दिया जाए। वैसे वर्ष 2017 में राष्ट्रपति चुनाव का एलान सात जून को ही कर दिया गया था।चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर यह तैयारी उस समय तेज की है, जब मौजूदा राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। ऐसे में उससे पहले ही नए राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होनी है।चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी जरूरी तैयारियों पर तेजी से काम चल रहा है। हालांकि, इस बीच आयोग का फोकस राज्यसभा के चुनावों को संपन्न कराने को लेकर है, जो 10 जून को होने हैं।इसके बाद ही राष्ट्रपति चुनाव का एलान होने की संभावना है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के साथ ही सभी राज्यों की विधानसभा के सदस्य भी वोट करते हैं।राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों और राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के विधायकों की संख्या के आधार पर एनडीए गठबंधन यूपीए गठबंधन के मुकाबले काफी आगे है।राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले निर्वाचन मंडल में राजनीतिक गठबंधनों की बात करें तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन के पास फिलहाल 23 फीसदी के लगभग वोट है, वहीं एनडीए गठबंधन के पास यूपीए के दोगुने से भी ज्यादा लगभग 49 फीसदी वोट हैं।भारत के राष्ट्रपति का चुनाव अनुच्छेद 55 के अनुसार आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के एकल संक्रमणीय मत पद्धति के द्वारा होता है। राष्ट्रपति को भारत के संसद के दोनो सदनों (लोक सभा और राज्य सभा) तथा साथ ही राज्य विधायिकाओं (विधान सभाओं) के निर्वाचित सदस्यों द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए चुना जाता है।

राष्ट्रीय से अन्य समाचार व लेख

» शहरी विकास मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से पार पाने की शुरू की तैयारी

» पीएम ने लाइफ ग्लोबल मिशन किया लांच

» जमीयत ने पूजा स्थल कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका में दखल की मांग की

» जनधन खाते के बाद अब वित्तीय साक्षरता के लिए शुरू होगा बड़ा अभियान

» कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट