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कांग्रेस के नये सांसदों ने राहुल गांधी को घेरा, कहा अपनी मर्जी से नहीं छोड़ सकते अध्यक्ष पद


🗒 शनिवार, जून 01 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा के सभी सांसदों ने शनिवार को राहुल गांधी से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश वापस लेने के लिए जमकर दबाव डाला। सांसदों ने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा सबसे गंभीर राजनीतिक संकट के समय पार्टी को राहुल के नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है और ऐसे में वे अपनी मर्जी से अध्यक्ष पद नहीं छोड़ सकते।कार्यसमिति की 25 मई की बैठक में इस्तीफे की पेशकश के बाद राहुल गांधी पहली बार पार्टी नेताओं से कांग्रेस संसदीय दल के नेता के चुनाव के मौके पर रूबरू हुए। सोनिया गांधी के नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी होने के बाद लोकसभा के चुने गए लगभग सभी पार्टी सांसदों ने राहुल से कहा कि कार्यसमिति इस्तीफे की उनकी पेशकश पहले ही खारिज कर चुकी है। इसीलिए वे इस्तीफा देने का अपना इरादा त्याग दें क्योंकि चुनावी हार के बाद पार्टी अपने सबसे गहरे संकट के दौर में है और ऐसे में उनके नेतृत्व की जरूरत है।कांग्रेसजन पूरे देश में इस्तीफे को लेकर बेचैन और असमंजस में हैं। कई सांसदों ने तो यहां तक कहा कि कांग्रेस को एकजुट रखते हुए राजनीतिक वापसी के लिए राहुल गांधी को नेतृत्व करना ही होगा और वे अपनी मर्जी से अध्यक्ष पद नहीं छोड़ सकते।लुधियाना के पार्टी सांसद रवनीत बिट्टू ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हर सांसद ने अपनी और पूरे सूबे के कार्यकर्ताओं की भावना खुले रुप से बताई। सबका कहना था कि पार्टी को बचाने के लिए राहुल गांधी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए राहुल अपनी जिद या मर्जी से इस्तीफा नहीं दे सकते और कार्यकर्ता ऐसा होने नहीं देंगे। रवनीत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष से सांसदों ने यह भी कहा कि जहां तक हार का सवाल है तो केवल राहुल नहीं बल्कि पार्टी के सब लोग जिम्मेदार हैं और इस्तीफा इसका समाधान नहीं है।

कांग्रेस के नये सांसदों ने राहुल गांधी को घेरा, कहा अपनी मर्जी से नहीं छोड़ सकते अध्यक्ष पद

लोकसभा के नये सांसदों ने राहुल से जब अलग से बैठक की बात उठाई तो फिर सब से दस जनपथ आने के लिए कहा गया। पार्टी नेतृत्व के साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए सेंट्रल हॉल में कैमरामैन भी नहीं था। सांसद जब दस जनपथ पहुंचे तो पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी वहां पहुंची। सांसदों ने वहां भी राहुल से अपनी बातें दुहरायी। इसके बाद नये सांसदों ने राहुल और सोनिया गांधी के अलावा प्रियंका के साथ भी तस्वीरें खिंचवाई।संसदीय दल की बैठक में कांग्रेस के सभी राज्यों के प्रभारियों ने भी विशेष रुप से हिस्सा लिया। इसी बहाने उन्होंने भी राहुल गांधी से मुलाकात कर इस्तीफे की पेशकश वापस लेने का आग्रह किया। मालूम हो कि कार्यसमिति के इस्तीफे की पेशकश खारिज करने के बाद भी तीन-चार नेताओं को छोड़ पार्टी के किसी नेता से नहीं मिल रहे थे। मगर संसदीय दल की बैठक में राहुल ने नेताओं से मिलने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखायी। रवनीत बिट्टू ने तो दावा किया कि उन्हें भरोसा है कि पार्टीजनों की भावना को देखते हुए राहुल गांधी सौ फीसद इस्तीफा की पेशकश वापस लेंगे।

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