यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल


🗒 गुरुवार, अगस्त 15 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले और उसके बाद राज्य में मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती दी गई है।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की विशेष पीठ अधिवक्ता एमएल शर्मा और 'कश्मीर टाइम्स' की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। एमएल शर्मा ने छह अगस्त को दायर अपनी याचिका में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने को चुनौती दी है।उन्होंने दावा किया है कि अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति का आदेश गैरकानूनी है क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बिना जारी किया गया। वहीं, 10 अगस्त को दायर याचिका में पत्रकार अनुराधा भसीन ने पूरे राज्य में मोबाइल, इंटरनेट एवं लैंडलाइन सेवाओं समेत संचार के सभी माध्यमों को बहाल करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की है ताकि मीडिया अपना काम कर सके।जम्मू-कश्मीर की मुख्य राजनीतिक पार्टी नेशनल कांफ्रेंस ने भी याचिका दायर कर अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को चुनौती दी है। पार्टी ने तर्क दिया है कि इन बदलावों ने जनादेश के बिना वहां के नागरिकों से उनके अधिकार छीन लिए हैं।यह याचिका नेशनल कांफ्रेंस के लोकसभा सदस्यों मुहम्मद अकबर लोन और जस्टिस (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने दायर की है। लोन जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हैं जबकि जस्टिस मसूदी जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के वही पूर्व न्यायाधीश हैं जिन्होंने 2015 में एक फैसले में अनुच्छेद 370 को संविधान का स्थायी प्रावधान करार दिया था।मालूम हो कि कुछ अन्य लोगों ने भी इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं, लेकिन उन्हें शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है।अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का फैसला एक अच्छा कदम है। इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी वेणुगोपाल ने उनका विरोध किया था। उनकी दलीलें सुनने के बाद ही शीर्ष अदालत ने राज्य में लगे प्रतिबंधों पर हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि संवेदनशील स्थिति को सामान्य बनाने के लिए केंद्र को कुछ समय दिया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल

राष्ट्रीय से अन्य समाचार व लेख

» समान नागरिक संहिता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पर टिकीं लोगों की निगाहें

» पीएम मोदी अपने जन्मदिन को खास बनाने के लिए होंगे गुजरात में

» जन्मस्थान को न्यायिक व्यक्ति मानने के लिए क्या जरूरी है, मुस्लिम पक्ष से सुप्रीम कोर्ट का सवाल

» मुस्लिम पक्ष ने विवादित भूमि पर मस्जिद का किया दावा, पेश किए दस्तावेज

» मोदी के जन्मदिन को सेवा सप्ताह के रूप में मनाएगी भाजपा,

 

नवीन समाचार व लेख

» समान नागरिक संहिता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पर टिकीं लोगों की निगाहें

» चिन्मयानंद की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर लखनऊ में हुआ धरना

» युवाओ को नई राह दिखाएगी शार्ट फिल्म लव का सिम कार्ड अंजली फिल्म प्रोडक्शंस ने रिलीज़ की 21 मिनट की शार्ट फिल्म

» पीएम मोदी अपने जन्मदिन को खास बनाने के लिए होंगे गुजरात में

» वाराणसी प्रधान डाकघर कैंट में घोटाले की राशि पहुंची पांच करोड़, हर दिन बढ़ रही गबन की धनराशि