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आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उदय होगा उम्मीदों का सूरज, देश के नक्शे पर दो नए केंद्र शासित प्रदेश


🗒 बुधवार, अक्टूबर 30 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

जम्मू-कश्मीर राज्य 31 अक्टूबर गुरुवार को इतिहास का हिस्सा बन जाएगा और दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर व लद्दाख देश के नक्शे पर उभर आएंगे। 70 वर्षों की लंबी जद्दोजेहद के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उम्मीदों का नया सूरज उदय होगा।दोनों ही जगह अलग-अलग प्रशासनिक व्यवस्था होगी, जिसकी कमान राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर उपराज्यपाल संभालेंगे। गिरीश चंद्र मुर्मू केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर श्रीनगर स्थित राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगे, जबकि राधाकृष्ण माथुर लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के रूप में लेह में शपथ लेंगे। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर का अलग संविधान और अलग कानून भी पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएगा। लद्दाख बिना विधानसभा का केंद्र शाासित राज्य होगा, जबकि जम्मू कश्मीर में विधानसभा होगी।जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल सुबह लेह में आरके माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी और उसके बाद वह विशेष विमान से श्रीनगर पहुंचेगी और यहां जीसी मुर्मू को शपथ दिलाएंगी। जीसी मुर्मू बुधवार को श्रीनगर पहुंच गए। आरके माथुर और राज्य की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल भी सुबह लेह पहुंची हैं। एयरपोर्ट से बाहर आते ही माथुर का सांसद जामयांग सेङ्क्षरग नामग्याल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया।पूर्व रक्षा सचिव माथुर सुबह 7.45 बजे लेह स्थित सिंधु संस्कृत केंद्र में आयोजित समारोह में शपथ ग्रहण करेंगे। समारोह सुबह 7.30 बजे शुरू होगा। इसकी तैयारियों की देखरेख कर रहे कमिश्नर सचिव लद्दाख रिगजिन सम्पेल ने बताया कि सभी प्रबंध हो गए हैं।श्रीनगर में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जीसी मुर्मू को सुबह पौने बारह बजे शपथ दिलाने का कार्यक्रम है। मुख्य न्यायाशीध गीता मित्तल को लेह से आना है। अगर उनके पहुंचने में देरी होती है तो शपथ ग्रहण पौने एक बजे होगा। समारोह में निवर्तमान राज्यपाल सत्यपाल मलिक की मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कोई अंतिम सूचना नहीं है। मलिक को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया है।दोनों ही जगह शपथ ग्रहण समारोह में फिलहाल किसी भी केंद्रीय नेता और केंद्रीय मंत्री के आगमन की सूचना नहीं है। पीएमओ में राज्यमंत्री व जम्मू संभाग के डोडा-कठुआ संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. जितेंद्र ङ्क्षसह भी लेह या श्रीनगर में होने वाले समारोह में शामिल नहीं होंगे। वह &1 अक्तूबर को दिल्ली में होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर स्टेचू ऑफ यूनिटी पर आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में रन फॉर यूनिटी दौड़ को हरि झंडी दिखाएंगे।6 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 को पारित किया था। इसके तहत जम्मू-कश्मीर दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्यों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के रूप में 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएगा। केंद्र सरकार ने देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ही जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को 31 अक्टूबर को प्रभावी बनाने का फैसला किया है। पटेल ने भारत-पाक विभाजन के बाद विभिन्न रियासतों के भारत में विलय में अहम भूमिका निभाई थी।

आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उदय होगा उम्मीदों का सूरज, देश के नक्शे पर दो नए केंद्र शासित प्रदेश

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