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सोमवार को संसद से पारित हो सकता है नागरिकता संशोधन विधेयक, कैबिनेट से मिली मंजूरी


🗒 बुधवार, दिसंबर 04 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा से पारित कराया जा सकता है। बुधवार को कैबिनेट बैठक से इसे हरी झंडी दिखाने के साथ ही इसके संकेत मिल गए हैं। लोकसभा में जहां इसके पारित होने में कोई अड़चन नहीं है वहीं माना जा रहा है कि राज्यसभा में भी इसे कुछ गैर-राजग दलों से भी समर्थन मिलेगा। पर यह तय है कि दोनों सदनों में एक बार फिर से माहौल गर्म रहेगा।एनआरसी पर छिड़ी बहस के बीच ही मोदी सरकार की ओर से साफ कर दिया गया था कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में प्रताडि़त होकर भारत आए हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन व अन्य धर्मावलंबियों को भारत में नागरिकता दी जाएगी।मुस्लिम को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि इन तीनों राज्यों में मुस्लिम ही बहुमत में हैं। इस नजरिए से पिछले साल भी सरकार की ओर से विधेयक लोकसभा में तो पारित करा लिया गया था, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष ने इसे रोक दिया। पिछले दिनों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर पूर्व समेत अलग-अलग संगठनों से बातचीत कर उनकी आशंकाओं को खत्म करने की कोशिश की थी। माना जा रहा है कि उत्तर पूर्व में उन राज्यों को कुछ छूट मिलेगी जो छठी अनुसूची में आते हैं या विशेष प्रावधान लागू है।दरअसल इस विधेयक को लेकर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों का विरोध है। हालांकि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों की ओर से ही इसका खुला विरोध किया गया है। कुछ दिनों पहले ही राजग से बाहर जाकर महाराष्ट्र मे गठबंधन सरकार बनाने वाली शिवसेना का नजरिया देखने लायक होगा। अब तक तो वह इसके पक्ष में रही है, लेकिन अब भाजपा विरोधी रुख के कारण उनका फैसला अहम होगा। बताया जा रहा है कि वह सदन से बाहर रहने का भी फैसला कर सकती है।बीजद, टीआरएस, वाईएसआरसीपी जैसे दल अनुच्छेद 370 समेत कई मुद्दों पर सरकारी विधेयकों को राहत देते रहे हैं। भाजपा सूत्रों का मानना है कि इस बार राज्यसभा में भी कोई अड़चन नहीं आएगी। दोनों सदनों में भाजपा के रणनीतिकार अभी से चुस्त हैं।अनुच्छेद 370 के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के दिल के करीब है। एक दिन पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक में भी केंद्रीय रक्षा मंत्री की ओर से सांसदों को स्पष्ट किया गया था कि सभी संसद में मौजूद रहें।बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी कहा कि यह पूरे देश के हित में है और इसका हर वर्ग स्वागत करेगा। वहीं विपक्ष का तेवर अभी से तीखा है। कांग्रेस व तृणमूल की ओर से इसे सांप्रदायिक बताया जा रहा है। जाहिर है कि संसद में गर्मागर्मी दिखेगी।

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