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गरीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ्त अनाज, 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' पर काम जारी


🗒 मंगलवार, जून 30 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
गरीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ्त अनाज, 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' पर काम जारी

 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच महीने तक और बढ़ा दिया गया है जिसके तहत गरीब परिवार के प्रतिव्यक्ति को हर महीने पांच किलो अनाज मुफ्त मिलता है। योजना मंगलवार को ही खत्म हो रही थी और पीएम ने देश के नाम संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि नवंबर तक यह जारी रहेगा। अक्टूबर में संभावित बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जाहिर तौर पर इसे राजनीति से भी जोड़ा जाएगा लेकिन यह भी सच है कि इसने लगभग 80 करोड़ लोगों में आशा जगा दी। वहीं कोरोना संक्रमण के तेज प्रसार के बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को और सचेत करते हुए साफ किया कि प्रधान हों या प्रधानमंत्री नियमों से उपर कोई नहीं। ऐसे हर व्यक्ति को रोकना, टोकना और समझाना होगा।योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 26 मार्च को की गई थी। इसमें अप्रैल, मई और जून में लागू की गई इस योजना पर कुल 60 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया था। लेकिन इसे पांच महीने तक और बढ़ा दिए जाने पर 90 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। इस तरह पीएमजीकेएवाई का कुल खर्च 1.50 लाख करोड़ रुपये आएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के विस्तार की घोषणा के साथ ही इसका श्रेय देश के अन्नदाता किसानों और कर दाताओं को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत पर इतना कुछ इसीलिए कर पा रही है क्योंकि किसानों ने पर्याप्त अनाज उपजाया है और ईमानदार करदाताओं ने योगदान दिया है।प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन को लेकर रात से ही अटकलों का बाजार गर्म था लेकिन लगभग 17 मिनट के संबोधन में वह पूरी तरह कोरोना काल पर ही केंद्रित रहे। सही समय पर लाकडाउन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण लाखों लोगों की जान बची है। अब और सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि आने वाला मौसम बीमारियां लेकर आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक राष्ट्र एक राशन कार्ड' योजना की तैयारी पर संतोष जताते हुए कहा 'इसके हो जाने से प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्य में भी आसानी ने उसके हिस्से का अनाज मिलने लगेगा।'पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक राशनकार्ड वाले उपभोक्ताओं को पांच किलो अनाज की यह मात्रा मुफ्त व अतिरिक्त होगी। जबकि हर उपभोक्ता को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत निर्धारित मात्रा में अनाज पूर्व की भांति रियायती दर दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल की भी आपूर्ति होती रहेगी। प्रति परिवार एक किलो चना भी दिया जाएगा। संबोधन के तुरंत बाद केंद्रीय खाद्य व उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने भी राज्यों से आग्रह किया कि वह अगले पांच महीने का अनाज भी एफसीआइ से उठा लें। उनकी ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार के पास पर्याप्त अनाज का भंडार है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश में गरीबों और जरूरतमंदों को कोरोना काल के दौरान सरकार को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सक्षम बनाने के लिए किसानों और करदाताओं (TaxPayers)को श्रेय दिया। पीएम मोदी ने कहा, 'अगर सरकार आज गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज देने में सक्षम है तो इसका श्रेय दो वर्गों के लोगों को जाता है। पहले हमारे मेहनती किसान हैं, हमारे अन्नदाता हैं और दूसरे देश के ईमानदार करदाता हैं। आपने ईमानदारी से कर जमा किया है, अपनी जिम्मेदारी पूरी की है, यही कारण है कि आज देश के गरीब इस बड़ी समस्या से लड़ने में सक्षम हैं। आज प्रत्येक गरीब, प्रत्येक किसान के साथ-साथ, मैं हर करदाता को हार्दिक बधाई देता हूं और उन्हें नमन करता हूं।'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू नियमों का हर हाल में पालन होना चाहिए। उन्होने कहा कि जो लोग भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोकना होगा और समस्या से अवगत कराना होगा। आपने समाचार में देखा है कि एक प्रधानमंत्री पर 13,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि वह बिना मास्क के एक सार्वजनिक स्थान पर गए थे। प्रधानमंत्री बुल्गारियाई प्रधानमंत्री बॉयो बोरिसोव के उदाहरण का उल्लेख कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में भी स्थानीय प्रशासन को उसी तरह सक्रिय रूप से काम करना होगा। यह 130 करोड़ नागरिकों की जान बचाने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या फिर देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए नियमों का पालन करने के लिए नागरिकों से प्रतिबद्धता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब से देश में अनलॉक 1 शुरू हुआ, तब से व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बढ़ती जा रही है। इससे पहले, हम मास्क के उपयोग, दो गज दूरी और 20 सेकंड के लिए दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर काफी अधिक सतर्क थे। लॉकडाउन के दौरान नियमों का गंभीरता से पालन किया गया। अब सरकारों, स्थानीय निकायों और नागरिकों को उसी तरह सतर्कता दिखाने की जरूरत है। पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में कहा, 'हम अनलॉक 2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम ऐसे मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जब सर्दी, खांसी, बुखार के मामले बढ़ जाते हैं। मैं नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि वे अपना ख्याल रखें। यह सच है कि यदि हम कोरोना वायरस के कारण मृत्यु दर को देखे, तो भारत दुनिया के कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। समय पर लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत के लाखों लोगों की जान बचाई है। 

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