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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने पीएम मोदी से की क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता के कई मुद्दों पर चर्चा


🗒 मंगलवार, अक्टूबर 27 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने पीएम मोदी से की क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता के कई मुद्दों पर चर्चा

चीन के साथ सीमा पर चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने मंगलवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता के कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें अमेरिका और भारत सहयोग करते हैं। इसमें कोरोना वायरस पर सहयोग, सुरक्षा, रक्षा सहयोग और स्वतंत्र व खुले भारत-प्रशांत में साझा हित शामिल हैं। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्‍ता काले ब्राउन ने दी।उन्‍होंने बताया कि विदेश मंत्री माइक पोंपियो और पीएम मोदी ने दोनों देशों, भारत-प्रशांत क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और समृद्धि को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से मिलने की खुशी हुई। भारत-अमेरिका संबंधों में हुई जबरदस्त प्रगति और तीसरी 2 + 2 वार्ता के परिणामों को देखकर खुशी हुई। हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा सिद्धांतों और आम रणनीतिक हितों की एक मजबूत नींव पर खड़ी है।गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मंगलवार को तीसरी 2+2 मंत्री स्तरीय बैठक हुई। दोनों देशों के बीच बेसिक एक्‍सचेंज ऐंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) समेत कई अहम समझौते हुए। इसमें परमाणु सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। टू प्लस टू बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो व रक्षा मंत्री मार्क एस्पर अपने भारतीय समकक्षों एस. जयशंकर और राजनाथ सिंह के साथ अहम मुद्दों पर बातचीत की।बैठक के बाद साझा बयान जारी कर भारत और अमेरिका ने आपसी सहयोग को बढ़ने का संकल्प लिया। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि अमेरिका और भारत चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समेत सभी तरह के खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं। पिछले साल हमने साइबर मुद्दों पर अपने सहयोग का विस्तार किया है, हमारी नौसेनाओं ने हिंद महासागर में संयुक्त अभ्यास में मदद की है।रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव जीवेश नंदन ने भारत की ओर से BECA समझौते पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते से भारत को अमेरिकी क्रूज मिसाइलों व बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़ी तकनीक मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। साथ ही भारत अमेरिका से संवेदनशील सेटेलाइट डाटा भी ले सकेगा इससे दुश्मन देशों की हर गतिविधि पर करीब से नजर रखी जा सकेगी।