यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

यूपी के बाद एमपी में भी लव जिहाद कानून का मसौदा तैयार


🗒 बुधवार, नवंबर 25 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
यूपी के बाद एमपी में भी लव जिहाद कानून का मसौदा तैयार

लव जिहाद को लेकर मध्य प्रदेश में बनाए जा रहे कानून के प्रारंभिक मसौदे में गृह विभाग ने संशोधन कर उसे लगभग अंतिम रूप दे दिया है। अब विवाह के लिए धोखा देकर या अन्य कारण से प्रलोभन देकर धर्मातरण कराने पर पांच के बजाय 10 साल की सजा का प्रविधान कर दिया गया है। प्रशासन को आवेदन दिए बगैर धर्मातरण कराने पर धर्मगुर, काजी-मौलवी या पादरी को भी पांच साल की सजा भुगतनी होगी।बुधवार को मंत्रालय में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में हुई गृह एवं विधि विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह तय किया गया। अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मसौदे पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इसके अलावा भी कानून में अनेक कड़े प्रविधान किए गए हैं। शिवराज सरकार लव जिहाद पर अध्यादेश लाने के बजाय विधानसभा में विधेयक लाना चाहती है। अगले माह विधानसभा का सत्र है। उसमें लव जिहाद से जुड़ा विधेयक पारित होना है। इसे देखते हुए सरकार कानून बनाने में तेजी दिखा रही है। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने 'धर्म स्वातंत्रय विधेयक 2020' के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए यह बैठक बुलाई थी। इसमें कानून में कड़े प्रविधान करने को लेकर विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) रामेश्वर शर्मा और अन्य की मांग पर चर्चा के बाद पांच के बजाय 10 साल की सजा का प्रविधान कर दिया गया है। बहला-फुसलाकर, धमकी देकर या जबरदस्ती धर्मातरण एवं विवाह कराने वाले सजा के हकदार होंगे। ऐसे मामलों में पीडि़त, उसके माता-पिता, परिजन या अभिभावक शिकायत कर सकते हैं। यह संज्ञेय (प्रशासन खुद संज्ञान ले सकेगा) और गैर जमानती अपराध होगा।धर्मातरण और विवाह कराने वाले दोनों पक्षों (लड़का और लड़की) को एक माह पहले जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) को लिखित आवेदन देना होगा। इसके बगैर धर्मातरण और विवाह कराया जाता है तो इसमें सहयोग करने वाले सभी आरोपितों के खिलाफ मुख्य आरोपित की तरह ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धर्मातरण के आरोपित को स्वयं प्रमाणित करना होगा कि बगैर किसी दबाव, धमकी, लालच और बहकावे के धर्मातरण या विवाह किया जा रहा है। बाद में पता चलता है कि दबाव या लालच था, तो वह विवाह शून्य माना जाएगा।इस कानून में जबरन धर्मातरण या विवाह कराने वाली संस्थाओं का पंजीयन निरस्त करने का भी प्रविधान किया जा रहा है। ऐसे मामलों में लिप्त संस्थाओं को आर्थिक सहायता देने और उनसे सहायता लेने वाली संस्थाओं का पंजीयन भी निरस्त किया जा सकेगा।विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कानून के मसौदे में किए गए संशोधन को ऐतिहासिक बताया है। शर्मा ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ही कानून में पांच के बजाय 10 साल की सजा का प्रविधान करने की मांग की थी।उधर, उमरिया में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनजाति गौरव कार्यक्रम में कहा कि किसी भी सूरत में मध्य प्रदेश की धरती पर लव-जिहाद नहीं चलने दिया जाएगा और इसके खिलाफ कानून बनाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा धर्मातरण रोकने भी कानून बनाया गया है और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो गरीब और भोले-भाले आदिवासियों को बहलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करेंगे।

राष्ट्रीय से अन्य समाचार व लेख

» मुख्‍यमंत्रियों के साथ संबोधन में पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें, कहा- पूरी तरह सुरक्षित होने पर ही मिलेगी वैक्सीन को अनुमति

» पीएम मोदी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 8 राज्यों के सीएम से कल करेंगे मीटिंग, वैक्सीन पर भी होगी चर्चा

» आगामी चुनावों को लेकर भाजपा की नई रणनीति

» पाक के लिए बड़ा झटका है ब्रिक्स देशों की आतंकवाद के खिलाफ गोलबंदी, चीन निभाएगा यारी या कसेगा नकेल

» पीएम मोदी बोले, दोषी ठहराये जाएं आतंकवाद के मददगार देश

 

नवीन समाचार व लेख

» आरोपित बर्खास्त एसओ देवेंद्र शुक्ला गिरफ्तार, अभी तक फरार हैं निलंबित एसपी

» कानपुर मे मायके से नहीं आई पत्नी तो पति ने काटा अपना नजुक अंग

» गोली कांड में शामिल दो आरोपितों को पुलिस ने दबोचा, भेजा जेल

» अलीगढ़ मे हर्ष फायरिंग के विरोध में सगे भाइयों को चाकू घोंपा,

» ट्रक चालक ने लालच में आकर खुद ही रचा था लूट का नाटक