यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

58 फीसद कोविड मरीजों में पाए गए ब्रेन फॉग के लक्षण


🗒 शुक्रवार, फरवरी 19 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
58 फीसद कोविड मरीजों में पाए गए ब्रेन फॉग के लक्षण

एक साल पहले जब कोरोना संक्रमण फैला था, तब से अब तक विभिन्न देशों में इसके लक्षण और प्रभावों को लेकर व्यापक स्तर पर अध्ययन जारी है। अक्सर ही नई जानकारियां सामने आती रहती हैं। अब तक यह साफ हो चुका है कि कोरोना संक्रमण में बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द व खांसी जैसी समस्याएं होती हैं, लेकिन अब एक जटिल समस्या भी सामने आने लगी है। विशेषज्ञों ने इसे ब्रेन फॉग नाम दिया है। कोरोना संक्रमण के ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक चलने वाली यह बीमारी लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव छोड़ रही है। आइए, जानते हैं कि ब्रेन फॉग क्या है, यह खतरनाक क्यों है और इससे किस प्रकार निजात मिल सकती है..यह एक गंभीर चिकित्सकीय अवस्था है, जिसमें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र सही तरीके से काम नहीं करता। चेतना बाधित होती है, जिसकी वजह से थकना व दुविधा की स्थितियां पैदा होती हैं। इसके अलावा ब्रेन फॉग ध्यान और याददाश्त को भी प्रभावित करती है। प्रभावित व्यक्ति उचित निर्णय नहीं ले पाता।अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका मेडरिक्सिव में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के करीब 58 फीसद मरीजों ने ब्रेन फॉग या मानसिक दुविधा के लक्षण दिखाई दिए। इस प्रकार कोविड-19 के अहम लक्षणों में ब्रेन फॉग भी शामिल हो गया। कोरोना मरीज बताते हैं कि उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने अथवा संदेश देने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि बोलने के दौरान प्रवाह भी बाधित होता है।कोविड ब्रेन फॉग का अभी तक वैज्ञानिक उपचार नहीं तय हो पाया है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस अवस्था से गुजर रहे व्यक्ति को वही काम करना चाहिए, जिससे सुकून मिले। ध्यान, योग और रचनात्मक गतिविधियां मानसिक तनाव से उबरने में मददगार साबित होती हैं और विचारों में स्पष्टता लाती हैं। इसके अलावा समुचित नींद, शारीरिक गतिविधियां और तनाव प्रबंधन से ब्रेन फॉग का इलाज संभव है।हालांकि, देश में टीकाकरण का काम तेजी पर है और दैनिक कोरोना मरीजों की संख्या भी कम हुई है, लेकिन कुछ राज्यों में इसका प्रसार फिर तेज हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सभी एहतियाती उपायों को तत्परता से अपनाएं। घर से बाहर निकलें तो फेस मास्क जरूर पहनें। शारीरिक दूरी बनाए रखें और चेहरे को छूने से पहले हाथ जरूर धोएं अथवा सैनिटाइज करें।

राष्ट्रीय से अन्य समाचार व लेख

» पीएम मोदी का बड़ा एलान, टीकाकरण के तीसरे चरण में 1 मई से 18 साल से ऊपर सभी लोगों को दी जाएगी वैक्सीन

» पीएम मोदी ने कोरोना महामारी और टीकाकरण की स्थिति का लिया जायजा

» पश्चिम बंगाल में शाम सात से सुबह 10 बजे तक चुनाव प्रचार पर रोक

» कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी बंगाल में मतदान के चरणों में नहीं होगा कोई बदलाव : आयोग

» जून से बढ़ जाएगी कोरोना वैक्सीन की सप्लाई, स्पुतनिक-वी की अगले महीने से होगी आपूर्ति

 

नवीन समाचार व लेख

» पीएम मोदी का बड़ा एलान, टीकाकरण के तीसरे चरण में 1 मई से 18 साल से ऊपर सभी लोगों को दी जाएगी वैक्सीन

» फतेहपुर में तीन माह पहले चोरी गईं राधाकृष्ण की मूर्तियां बरामद

» आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पर टायर फटने से पलटी कार, लखनऊ विवि के प्रोफेसर की मौत, रिटायर्ड सीओ समेत दो घायल

» कन्नौज में वोट न देने पर अधेड़ के ऊपर छोड़ा सांड़, कुचलकर मौत, हत्या का मुकदमा दर्ज

» कंटेनर में छिपाकर ले जाया जा रहा 9.5 क्विंटल गांजा बरामद, दो गिरफ्तार