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सरकार ने नए कानून को दी मंजूरी, दूर होगी आवास की कमी


🗒 बुधवार, जून 02 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
सरकार ने नए कानून को दी मंजूरी, दूर होगी आवास की कमी

नई दिल्ली,। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को माडल टेनेंसी एक्ट (एमटीए) पर मुहर लगा दी है। इसके अंतर्गत जिलों में किरायेदारों और मालिकों के हितों की रक्षा के लिए किराया प्राधिकार, कोर्ट व ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा। आवासीय परिसर के लिए किरायेदार को अधिकतम दो महीने के किराये के बराबर की राशि बतौर सिक्योरिटी जमा करनी होगी, जबकि व्यावसायिक संपत्ति के लिए छह महीने के किराये के बराबर की। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।राज्य व केंद्रशासित प्रदेश नया कानून बनाकर अथवा मौजूदा नियमों में संशोधन के जरिये माडल टेनेंसी एक्ट को लागू कर सकते हैं। इस कानून के तहत सभी नए किरायेदारों के साथ लिखित समझौता करना होगा और उसे संबंधित जिले के किराया प्राधिकार के पास जमा कराना होगा। किराया और उसकी अवधि मालिक व किरायेदार की आपसी सहमति से लिखित रूप में तय होगी। सरकार ने कहा कि माडल टेनेंसी एक्ट को संभावनाओं के साथ लागू किया जाएगा और इससे मौजूदा किरायेदारी प्रभावित नहीं होगी। वह आवासों की किल्लत को दूर करने के लिए निजी भागीदारी को बिजनेस माडल के रूप में प्रोत्साहित करना चाहती है। इससे देश में किराये के मकान का बाजार विकसित होगा। सभी आयवर्ग के लोगों के पास मकान उपलब्ध होगा और घर की कमी दूर हो सकेगी।कानून कहता है कि जिस परिसर में किरायेदार रह रहे हैं उसमें आवश्यक सेवाओं की आपूíत को मकान मालिक या संपत्ति प्रबंधक रोक नहीं सकता। अनुबंध की अवधि में किरायेदार को निकाला भी नहीं जा सकता, जब तक दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता न हो जाए। अगर मकान मालिक उस घर में कुछ अतिरिक्त काम करवाना चाहता है और किरायेदार को वह मंजूर नहीं है तो मकान मालिक रेंट कोर्ट में मामले को रख सकता है।माडल टेनेंसी एक्ट के तहत अगर समझौते में सहमति नहीं बनी हो तो संपत्ति की मरम्मत, दीवारों और खिड़की का रंग-रोगन, आवश्यकता के अनुरूप जलापूíत पाइपलाइन को बदलने तथा बाहरी व भीतरी इलेक्ट्रिक वायरिंग के रख-रखाव जैसे जरूरी काम को कराने की जिम्मेदारी मालिक की होगी। अगर कोई टूट-फूट किरायेदार से हुई हो तो उसे वही दुरुस्त करवाएगा।नालों की सफाई, स्विच व साकेट की मरम्मत, किचन में लगे उपकरणों की मरम्मत, दरवाजे और खिड़की में लगे शीशे के पैनलों को बदलने, बागीजे और खुले स्थानों की देखरेख की जिम्मेदारी किराएदार की होगी। केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस कदम से देशभर में किराये के आवास के संबंध में कानूनी ढांचे को बदलने में मदद मिलेगी।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतत शहरी विकास के लिए भारत के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय तथा जापान के भूमि, आधारभूत ढांचा, परिवहन एवं पर्यटन मंत्रालय के बीच सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी है। यह वर्ष 2007 में किए गए समझौता ज्ञापन का स्थान लेगा। इसके तहत सहयोग कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और रणनीति तैयार करने के लिए एक संयुक्त कार्य-दल गठित किया जाएगा। सरकार के अनुसार, समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भारत और जापान के बीच सतत शहरी विकास के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को मजबूत बनाना है।मंत्रिमंडल ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच संचार मीडिया के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर और अनुमोदन को पूर्वव्यापी प्रभाव से मंजूरी प्रदान कर दी। इस समझौते का मकसद संचार मीडिया के क्षेत्र में विभिन्न संघों के बीच समान एवं लाभकारी साझा सहयोग को बढ़ावा देना है।

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