राजस्थान में 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्रियों ने ली शपथ

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राजस्थान में 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्रियों ने ली शपथ


🗒 रविवार, नवंबर 21 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
राजस्थान में 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्रियों ने ली शपथ

जयपुर, । राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने रविवार को 11 कैबिनेट और चार राज्यमंत्रियों को शपथ दिलाई। हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत सिंह मा​लविया, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजन लाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। वहीं, बृजेंद्र सिंह ओला, मुरारी लाल मीणा, राजेंद्र गुड्डा और जाहिदा खान ने राजस्थान के राज्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल कलराज मिश्र ने इन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई। इधर, कैबिनेट में फेरबदल के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सब लोग बहुत खुश हैं, आज से हमारी अगले चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। जनता की सरकार से अपेक्षाओं को हम पूरा करके दिखाएंगे।इस बीच, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण करने के बाद रमेश मीणा ने कहा कि जो मांग थी कि पूरे राजस्थान का प्रतिनिधित्व होना चाहिए, वो इस बार मिला है, सफल फेरबदल हुआ है। इससे कांग्रेस मजबूत होगी और जनता में अच्छा संदेश जाएगा।राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण करने के बाद टीकाराम जूलीमैं ने कहा कि मैं आलाकमान और मुख्यमंत्री को धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे मौका दिया। उन्होंने जो मौका दिया है, उस पर खरा साबित होकर दिखाएंगे। हम आमजन की दिक्कतों को मजबूती से हल करेंगे।इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। इससे पहले कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जयपुर में राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। वहीं, मंत्रिमंडल के पुर्नगठन के तहत नए मंत्रियों के शपथ लेने से पहले प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई। मंत्रिमंडल में 15 नए मंत्रियों ने शपथ ली। मंत्रिमंडल विस्तार में 11 कैबिनेट मंत्री व चार राज्य मंत्री हैं। कैबिनेट में 12 नए चेहरे शामिल हुए हैं, जिसमें पांच चेहरे सचिन पायलट खेमे के हैं। इधर, कैबिनेट फेरबदल पर कांग्रेस विधायक शफिया जुबैर ने कहा कि महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण नहीं मिला। वहीं, टीकाराम पर कांग्रेस में ही विरोध शुरू हो गया है।इस बीच, अशोक गहलोत ने कहा जिन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया जा सका, उनकी अहमियत कम नहीं हुई है। इधर, अशोक गहलोत ट्वीट में लिखा कि राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सभी विधायकगणों को शुभकामनाएं। पिछले 35 महीने में हमारी सरकार ने प्रदेश को संवेदनशील, पारदर्शी व जवाबदेह सुशासन देने का कार्य किया है। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारी सरकार ने प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है।गहलोत ने कहा कि हम सब एकजुटता के साथ कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की नीति, विचारधारा व कार्यक्रम को आम जनता तक लेकर जाएंगे व विकास के एजेंडे पर फिर 2023 के विधानसभा चुनाव को जीतकर पुन: राजस्थान में सरकार बनाएंगे। हमारे कार्यकाल में हुए विधानसभा उपचुनावों व स्थानीय निकायों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाकर जनता ने हमारी सरकार के सुशासन पर मुहर लगाई है। हम सभी को आने वाले समय में भी जनता के इस विश्वास को बनाए रखने का है। इसके लिए पूरी मेहनत व समर्पण के साथ कार्य जारी रखना है।इस बीच, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि नई कैबिनेट में चार दलित मंत्रियों को जगह दी गई है। हमारी पार्टी चाहती है कि दलित, उपेक्षित, पिछड़े लोगों का प्रतिनिधित्व हर जगह होना चाहिए। काफी समय से हमारी सरकार में दलितों का प्रतिनिधित्व नहीं था, अब भरपाई की है। आदिवासियों का भी प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया।वहीं, राजस्थान में कैबिनेट फेरबदल पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि कांग्रेस की दलितों को आगे बढ़ाने की नीति दिखाने की है। कांग्रेस दलितों को उनका हक दिलाने में असफल रही। यही कारण है कि 2014 में भाजपा सरकार में आई। इस फेरबदल से फर्क नहीं पड़ेगा, राजस्थान में भाजपा की सरकार बनेगी।

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