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पीलीभीत मे घर में रखे सात लाख कैश के लालच में नेमचंद के दोस्त ने मिलाया था दूध में जहर


🗒 गुरुवार, जनवरी 10 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव बेनीपुर में जहर देकर एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या घर में रखे सात लाख रुपये के लिए की गई थी। एडीजी प्रेम प्रकाश ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सामूहिक हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। नेमचंद के दोस्त एवं बरेली जिले के थाना भोजीपुरा के गांव खनजनपुर निवासी नबी शेर व उसके साथी इकरार ने दूध में जहर मिलाकर पांचों लोगों को पिला दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपित नबी ने पूछताछ में बताया कि घर में सात लाख की नकदी रखे होने की बात उन्हें पहले से पता थी। रुपये के लालच में ही उन्होंने घटना को अंजाम दिया। एडीजी का कहना है कि दूसरे आरोपित इकरार की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पीलीभीत मे घर में रखे सात लाख कैश के लालच में नेमचंद के दोस्त ने मिलाया था दूध में जहर

बेनीपुर निवासी बेगराज (65) रेलवे में कर्मचारी थे। सेवानिवृत्ति के बाद गांव में ही पत्नी रामवती (60), बेटे नेमचंद (38), बेटी गायत्री (28) और पुत्रवधु ममता (35) के साथ रहते थे। सोमवार शाम को शाही स्टेशन पहुंचने पर नेमचंद अपने दोस्त नबी शेर और इकरार को बाइक से लेकर घर ले आया था। रात को सभी ने घर में साथ में खाना खाया। फिर दूध पिया। नेमचंद दोनों को सुलाने के लिए गांव में ही स्थित अपने दूसरे मकान में ले गया। आधी रात पड़ोसी ने नेमचंद को दूसरे घर के पास ही खेत में अचेत अवस्था में देखा। मुंह में झाग लगा था। गांव के पोपराम और भगवानदास आनन-फानन में उसे नवाबगंज के चिकित्सक के पास ले गए। वहां से उसे रेफर करने पर सीधे ही बरेली में रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां नेमचंद को मृत घोषित कर दिया गया।दोनों लोग तड़के बरेली से शव लेकर गांव पहुंचे। बेटे की मौत की सूचना देने के लिए घर पहुंचे तो गांव वालों के होश उड़ गए। भीतर पिता बेगराज सहित सभी सदस्य मृत मिले। इस पर पूरा गांव इकट्ठा हो गया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी।इसके बाद गांव वाले बेगराज के दूसरे घर पहुंचे तो वहां कोई भी नहीं मिला। रात में ही नबी शेर और इकरार फरार हो गए थे। सुबह खबर पर डीएम डॉ. अखिलेश मिश्र, एसपी बालेंदू भूषण सिंह, एएसपी रोहित मिश्र आदि अधिकारी गांव पहुंचे थे।पुलिस और एफएसएल की टीम को घटनास्थल से रसोई में भगौने में दूध मिला था, लेकिन इसका रंग सफेद की बजाय नीला था। जिस पर पुलिस ने जहर देकर पांचों की हत्या करने की आशंका जताई थी। पुलिस का अंदाजा बिल्कुल सही साबित हुआ।

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