यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

पीलीभीत सीट से वरूण गांधी 29 मार्च को दाखिल करेंगे नामांकन पत्र


🗒 बुधवार, मार्च 27 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

पीलीभीत संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी एवं गांधी परिवार के युवा नेता वरुण गांधी 29 मार्च को दिल्ली से यहां आएंगे। इसी दिन वह कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके समर्थकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीमावर्ती खमरिया पुल पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किए जाने की तैयारी शुरू की जा रही है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी के इस बार किसी अन्य क्षेत्र से चुनाव लड़ने और उनके पुत्र वरुण गांधी के यहां से चुनावी समर में उतरने की चर्चा अर्से से चल रही थी। इस बीच पार्टी के तीन विधायकों और कुछ अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर स्थानीय बाहरी मुद्दा उठा दिया। मांग की कि किसी स्थानीय नेता को पीलीभीत से चुनाव लड़ाया जाए। इसके बाद टिकट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और ज्यादा तेज हो गई थी। पार्टी हाईकमान ने 21 मार्च पहली सूची जारी कर रुहेलखंड मंडल में पीलीभीत को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। यहां की घोषणा नहीं होने के बाद टिकट को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जाने लगे थे। सोमवार को टिकट की घोषणा के साथ ही इन सब पर विराम लग गया। वरुण गांधी को पीलीभीत तथा मेनका संजय गांधी को सुल्तानपुर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। घोषणा के साथ ही वरुण गांधी के समर्थकों के चेहरे खिल उठे हैं। तमाम समर्थक एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। वहीं बाहरी स्थानीय मुद्दा उठाने वाले खेमे में फिलहाल मायूसी है।

पीलीभीत सीट से वरूण गांधी 29 मार्च को दाखिल करेंगे नामांकन पत्र

वरुण गांधी का सियासी सफर पीलीभीत से ही शुरू हुआ था। उनकी मां मेनका संजय गांधी पीलीभीत से छह बार सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2002 में वरुण गांधी ने यहां मेनका संजय गांधी के चुनाव की कमान संभाल ली थी। जबकि वरुण गांधी खुद चुनावी समर में उतरने के लिए 2008 में पीलीभीत में सक्रिय हुए। एक बयान को लेकर वह विवादों से घिर गए थे। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में वरुण गांधी ने रिकार्ड मतों के अंतर से जीत हासिल की थी।विधायक रामसरन वर्मा, किशनलाल राजपूत, छत्रपाल गंगवार, प्रू्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, ब्रज क्षेत्र उपाध्यक्ष सुरेश गंगवार, विजय गंगवार आदि ने गत 17 मार्च को प्रेस कांग्रेस कर स्थानीय नेता को टिकट देने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई थी। साथ ही केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर निशाना साधा था। इसके बाद भी पार्टी हाईकमान ने वरुण गांधी को ही तरजीह दी। माना जाता है कि वरुण गांधी के कद के सामने बाहरी स्थानीय मुद्दा ढेर हो गया।

पीलीभीत से अन्य समाचार व लेख

» पीलीभीत में बाघ ने दो लोगों को बनाया निवाला, वन विभाग की टीम ने पकड़ा

» पीलीभीत में कालाबाजारी कर रहे दुकानदार ने पुलिस टीम पर बोला हमला, एसओ व सिपाही घायल

» कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर एटीएस ने पीलीभीत से संदिग्ध युवक को उठाया, कातिलों से कनेक्शन खंगाल रही

» पीलीभीत में अखिलेश को चेहरा दिखाने की होड़ में बेकाबू हुए कार्यकर्ता, गेट के टूटे शीशे की चपेट में आकर तीन जख्मी

» अखिलेश यादव ने कहा- बड़े दलों से नहीं, अब छोटे दलों से करेंगे गठबंधन

 

नवीन समाचार व लेख

» महोबा -अयोध्या में आधारशिला,महोबा में दीवाली.....

» अतर्रा -अयोध्या में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन की खुशी में लोगो ने कीर्तन भजन के साथ निकाली शोभा यात्रा

» कोविड अस्पताल होगा अपग्रेड, गंभीर मरीजों को मिलेगा इलाज

» कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने करने वालो 69 व्यक्तियों पर 23200 रुपये का जुर्माना

» कानून मंत्री समेत 336 मरीजों को कोरोना, नौ मरीजों की मौत