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प्रतापगढ़ में मतदान कर्मचारियों की पिटाई कर लूट ले गए मत पेटिका, गुस्‍साए ग्रामीणों ने फूंक दिए मतपत्र


🗒 सोमवार, अप्रैल 19 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
प्रतापगढ़ में मतदान कर्मचारियों की पिटाई कर लूट ले गए मत पेटिका, गुस्‍साए ग्रामीणों ने फूंक दिए मतपत्र

प्रयागराज,। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में पंचायत चुनाव के दौरान कालाकांकर ब्लाक के बरियावां बूथ पर ग्रामीणों ने मतदान अधिकारी सहित मतदान कार्मिकों की पिटाई करके मतपेटी लूट ली और मतपेटी तोड़कर मतपत्र जला डाला। यही नहीं, मतदान अधिकारी की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। घायल मतदान अधिकारी को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।माडल प्राथमिक विद्यालय बरियावां में चार बूथ बनाए गए थे। इन बूथों पर दोपहर करीब 12 बजे मतदाताओं की लंबी कतार लगी थी। वहां काफी धीमा मतदान चल रहा था। घंटे भर से अधिक समय से खड़े मतदाता आपा खोने लगे। तभी प्रधान पद की प्रत्याशी रोशनी सरोज का एक समर्थक खिड़की से बूथ के अंदर झांककर आया और कहने लगा कि निवर्तमान प्रधान विमला देवी के पक्ष में अधिकारी मतदान करा रहे हैं।इस पर रोशनी सरोज के पक्ष के फौजी शैलेंद्र कुमार, मोनू, फूलकली, रामदुलारी, निशा देवी, अनीता देवी हंगामा करने लगी। इतने में  सिपाहियों ने शैलेंद्र कुमार, मोनू, फूलकली आदि की पिटाई कर दी। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और चार बूथों पर धावा बोलकर पीठासीन अधिकारियों सहित मतदान कार्मिकों की जमकर पिटाई की। चारों मतपेटी बाहर उठा लाए और उसे तोड़कर उसमें पड़े मतपत्रों को जला दिया। मतदान अधिकारी संजय पांडेय की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।ग्रामीणों का आक्रोश देख सिपाहियों व मतदान कार्मिकों ने बूथों का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर करीब एक बजे नवाबगंज एसओ, कुंडा एसडीएम मौके पर पहुंचे और आक्रोशित महिलाओं से बात की। फूलकली, रामदुलारी, निशा देवी सहित महिलाएं कहने लगी कि रोशनी देवी को निर्विरोध प्रधान घोषित किया जाए। अब यहां चुनाव नहीं होगा। उधर, घायल मतदान अधिकारी संजय पांडेय को सीएचसी कालाकांकर में भर्ती कराया गया है।ग्रामीणों के निशाने पर बूथ के मतदान अधिकारी संजय पांडेय थे। इसीलिए ग्रामीणों ने उन्हें जमकर पीटा। ग्रामीणों का आक्रोश देख वे पुलिस कर्मी भी दुबक गए, जिन्होंने पहले रौब गांठते हुए फौजी सहित अन्य लोगों की पिटाई कर दी। यह तो उनका संयोग ठीक रहा कि आक्रोशित ग्रामीणों का पूरा ध्यान मतपेटी तोडऩे और मतपत्र जलाने पर था। इसी दौरान मतदान कार्मिकों व सिपाहियों को खुद को सुरक्षित करने का मौका मिल गया और कमरों को दरवाजा अंदर से बंद करके दुबक गए।

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