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युवक ने फांसी लगाकर दी जान


🗒 सोमवार, अगस्त 08 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
युवक ने फांसी लगाकर दी जान

प्रयागराज, । लोग जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज तो ले लेते हैं लेकिन फिर चुकता करने में परेशानी होने पर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ बारा के नीबी में हुआ जहां एक युवक ने सोमवार दोपहर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को परिवार के लोगों से बातचीत में पता चला कि पीतांबर ने गाड़ी के लिए लोन लिया था जिसे अदा करने में नाकाम रहने पर वह बहुत परेशान था।सोमवार को दिन में नीबी लोहगरा निवासी 40 वर्षीय पीतांबर उर्फ लाला केसरवानी पुत्र रामधन गुप्ता ने घर के अपने कमरे में फांसी लगाकर कर जान दे दी। उस समय घर पर कोई नहीं था बच्चे स्कूल गए थे। पत्नी पास में ही अपनी कास्मेटिक की दुकान पर थी। दोपहर में पुत्र सूरज स्कूल से लंच पर घर आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कुछ देर तक खटखटाने के बाद सूरज खिड़की से झांका तो अंदर का मंजर देख घबरा गया। उसने पिता पीतांबर को फंदे से लटका देखा तो रोने-चीखने लगा। सूरज की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ कर आए। धक्का देकर दरवाजा खोलने के बाद लोग अंदर दाखिल हुए और फिर पंखे में बंधे रस्सी के फंदे से लटके पीतांबर को उतारा। साथ ही बारा थाने में सूचना दी गई। पीतांबर को सीएचसी शंकरगढ़ थाने ले जाया गया जहां डाक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।बारा थाने की पुलिस ने आकर शव को कब्जे में लिया और घरवालों से बात की। पीतांबर की मौत से उसकी पत्नी श्वेता केसरवानी और दोनों बेटों सूरज (15) और नयन (13) समेत माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मृतक के परिवार के लोगों ने गाड़ी खरीदने के लिए खरीदे कर्ज को चुकता नहीं कर पाने और फाइनेंस कंपनी की ओर से दबाव बनाए जाने को आत्महत्या का कारण बताया।