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प्रयागराज कचहरी में बच्चों समेत किया पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास


🗒 सोमवार, सितंबर 27 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
प्रयागराज कचहरी में बच्चों समेत किया पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास

प्रयागराज, । दबंग किस्म के लोगों की गुंडागर्दी और पुलिस की उदासीनता से परेशान होकर एक दंपती ने दो बच्चों समेत सोमवार को जिला कचहरी परिसर में आत्मदाह करने की कोशिश की। पति-पत्नी ने खुद और दोनों बच्चों पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया तभी वकीलों और पुलिसवालों ने पकड़ लिया। उन सभी को कर्नलगंज थाने ले जाया गया है जहां पुलिस अधिकारी उनसे पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं।धर्मवीर कुमार थरवई थाना क्षेत्र के फैजुलापुर हेतापट्टी का रहने वाला है। उसका आरोप है कि गांव के रामकैलाश और उसके परिवार के लोग दबंगई करते हैं और शिकायत पर पुलिस भी कुछ नहीं करती। 2017 में उन लोगों ने धर्मवीर की जमीन पर जबरन कब्जा करने के साथ ही घर भी तोड़ दिया था। उसका अनाज और अन्य सामान उठा ले गए थे। बडे़ टालमटोल के बाद पुलिस ने मुकदमा तो लिखा लेकिन किया कुछ नहीं। नतीजतन ये दबंग धर्मवीर की जान के लिए आफत बन गए हैं। वे अक्सर धमकी देते हैं कि मुकदमा वापस ले लो वरना परिवार सहित खत्म कर दिया जाएगा।धर्मवीर का कहना है कि वह थाने और पुलिस अधिकारियों का चक्कर लगाते थक गया लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इसी वजह से त्रस्त होकर उसने परिवार सहित आत्मदाह करने का फैसला किया। वह बोतल में पेट्रोल लेकर जिला कचहरी परिसर पहुंचा और पत्नी और दोनों समेत खुद पर पेट्रोल डाल लिया। वह माचिस से आग लगाने ही वाला था तभी वकीलों ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मी भी आ गए। पति-पत्नी और दोनों बच्चे पेट्रोल से भीगे थे। पुलिस उन्हें कर्नलगंज थाने ले गई जहां उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि अफसरों को पूरा जानकारी देकर इस बारे में अगली कार्रवाई की जाएगी।इंस्पेक्टर थरवई कुशलपाल सिंह कर्नलगंज थाने पहुंचे और सभी को साथ ले गए। यहां पूछताछ की गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि वर्ष 2017 में धर्मवीर के पिता ने अपने पट्टीदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय में इसका मुकदमा भी चल रहा है। धर्मवीर के पिता ही मुकदमे की पैरवी कर रहे थे। जुलाई माह में उनका निधन हो गया। धर्मवीर मजदूरी करता है और मुकदमे की पैरवी को लेकर उनके पास रुपये नहीं हैं, जिस कारण उसने किसी के बहकावे में आकर यह कदम उठाया था। जबकि वर्ष 2017 के बाद से अब तक थाने या किसी अधिकारी को कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। अगर पट्टीदार उसे परेशान कर रहे हैं तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।