रायबरेली में बेकाबू हुआ कोरोना, ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे मरीज

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रायबरेली में बेकाबू हुआ कोरोना, ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे मरीज


🗒 गुरुवार, अप्रैल 22 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
रायबरेली में बेकाबू हुआ कोरोना, ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे मरीज

रायबरेली-जिला अस्पताल में कोरोना वायरस से लगातार मौतें हो रही हैं। बुधवार की शाम दस मिनट के अंदर तीन मौतें हुई हैं। लगभग एक दर्जन मरीज को आक्सीजन लगा हुआ था। जिन्हें एल 2 रेफर नहीं किया गया। सभी के साथ तीमारदार भी बैठे मिले। दूसरी तरफ लाशें भी परिजन खुद उठाकर ले जा रहे हैं। स्थिति कंट्रोल से बाहर है। ऐसा लगता है आक्सीजन की कमी छुपाई जा रही है। क्योंकि जिन्हें आक्सीजन लगा है उनको जरुरत के हिसाब से मिल नहीं पा रहा है। जिससे आक्सीजन बची रहे। रात को ही सबके सामने एक 30 वर्षीय युवक ठीक-ठाक बात चीत करते आया। जिसे सांस लेने में तकलीफ थी। दस मिनट बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सिलेंडर लगाने के बाद भी मरीज को आक्सीजन नहीं मिल पा रहा था। पूरे शहर में आक्सीजन तलाश कर लौटे तीमारदार को मरीज की लाश मिली। इसी तरह बछरावां से एक महिला बुधवार को ही बीमार हुई। जिसे सांस लेने में तकलीफ होने पर बछरावां से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन यहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। शव के पास खड़े उसके बेटे ने बताया कि कल तक मेरी मां बिल्कुल ठीक थी। आज ही उन्हें कोरोना जैसे लक्षण होने पर सीएचसी ले गए थे और मौत हो गई। जाहिर है वायरस के लक्षण होने पर भी सीएचसी में उसकी पुष्टि न हो पाने के कारण जिला अस्पताल लाया जा रहा था। शायद मरीज को जिला अस्पताल की जगह सीधे एल टू लालगंज भेजा गया होता तो शायद मरीज की जान बच जाती।
कहने का मतलब यह है कि हालात काबू से बाहर हैं और कहीं न कहीं प्रशासन द्वारा मौत का सही आंकड़ा नहीं बताया जा रहा। ऐसा लगता है कि एल 2 में जगह न होने के कारण यहां कोरोना के लक्षण होने के बाद भी मरीज के मरने तक उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव बताई जा रही है। ताकि लालगंज रेफर करने के अभाव में हो रही मौत को साधारण रुप दिया जा सके।सबसे हैरानी की बात यह है कि कोरोना की जांच जिला अस्पताल में और इलाज का प्रबंध 35 किमी दूर लालगंज रेलकोच में किया गया है। जबकि यह व्यवस्था भी जिला मुख्यालय पर होनी चाहिए। यही कारण है कि लालगंज पहुंचने से पहले प्रतिदिन जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं। इस विषय पर जब स्वास्थ्य कर्मियों से बात की तो उन्होंने बताया कि डीएम सुभ्रा सक्सेना के जमाने में बड़ी रिक्वेस्ट पर रेलकोच वालों ने एल 2 बनाने के लिए जगह दी थी। जिला मुख्यालय पर कहीं भी ऐसा स्थान देने को कोई तैयार नहीं हुआ।
जबकि हालात को देखते हुए जिला अस्पताल में ही यह व्यवस्था कर देनी चाहिए। वैसे भी जिले भर की ओपीडी इस वक्त बन्द है और स्टाफ खाली हैं। इन सभी को कोरोना इलाज के लिए उपयोग में लेने की जरूरत है। इसके अलावा जरुरत के हिसाब से जीआईसी कालेज समेत दूसरे प्राइवेट संस्थानों में भी इलाज की आपातकालीन व्यवस्था की जा सकती है। इन सभी विषय पर जिला अधिकारी और जन प्रतिनिधियों को गंभीरता दिखाने की जरूरत है। क्योंकि लगातार हो रही मौतों और उस पर असावधानी से हालात में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। कायदे से इस वक्त पूरे जिले को कम्प्लीट लाक डाउन की जरूरत है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा आक्सीजन की सप्लाई सरकारी और गैर सरकारी सभी अस्पतालों तक पहुंचनी चाहिए। ताकि आक्सीजन के अभाव में होने वाली निर्दोष मौतों को बचाया जा सके।
संवाददाता अमरेन्द्र यादव

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