जनता दर्शन के निर्धारित समय पर अधिकारियों के कार्यालयों में लटके मिले ताले

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जनता दर्शन के निर्धारित समय पर अधिकारियों के कार्यालयों में लटके मिले ताले


🗒 बुधवार, जुलाई 14 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
जनता दर्शन के निर्धारित समय पर अधिकारियों के कार्यालयों में लटके मिले ताले

महराजगंज/रायबरेली-बस एक ही उल्लू काफी हैं बर्बाद गुलिस्ता करने क़ो हर शाख पे उल्लू बैठा हैं जाने ये गुलिस्तां क्या होगा'' जी हां मुख्यमन्त्री द्वारा प्रतिदिन सुबह अपने कार्यालय में बैठ समय 10 से 12 बजे तक जनता दर्शन किए जाने का निर्देश अधिकारियों क़ी दिए जाने के बावजूद रायबरेली जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा के तहसील महराजगंज के विभागों में इसका असर होता नही दिखाई पड़ रहा जिससें अंधेर नगरी चौपट राजा क़ी कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई पड़ रही।बताते चले क़ी बुधवार क़ो तहसील परिसर में सुबह समय करीब 10:10 बजे उपजिलाधिकारी सविता यादव, तहसीलदार रामकुमार शुक्ला के कार्यालय में ताला लटकता नजर आया। वही नायब तहसीलदार सुशील कुमार सिंह, खाद्य एवं रसद पूर्ति अधिकारी (सप्लाई इंस्पेक्टर) कार्यालय में कुर्सी तो खाली मिली वही अधिकारी नदारद दिखाई पड़े। इस सभी विभागों में जनता दर्शन के तहत मौजूद फरियादियों क़ो विभागीय अधिकारियों का इन्तेजार करते देखा गया। हद तो तब हैं जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के खुलने का समय 8 बजे होने के बावजूद 10 बजे तक पर्चा बनाने वाला ही गायब रहा वही अधीक्षक डा.राधाकृष्णा भी कार्यालय पर मौजूद नही दिखे। जिससें मरीजो तीमारदारों क़ो इन्तेजार करते देखा गया। तहसील मुख्यालय होने एवं जिले क़ी निगरानी का प्रभार उपमुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा के पास होने के बावजूद तहसील के इन विभागों के विभागाध्यक्ष योगी आदित्यनाथ के रामराज्य क़ी परिकल्पना क़ो परिभाषित करने में जी जान लगाते देखे जा रहे। सवाल तो यह हैं क़ी इन बेखौफ लापरवाह अधिकारियों का यह हाल हैं तो अधीनस्थ कर्मचारी किस तरह बेलगाम होगे। फिलहाल तहसील मुख्यालय के इन अधिकारियों क़ी लंबे समय से चली आ रही लेटलतीफी का शिकार दूरदराज से आने वाले गरीब आमजन क़ो होना पड़ रहा जिनकी शायद ही कोई सुनने वाला हो जिसके चलते मुख्यालय के यह विभाग समय पर अधिकारियों कर्मचारियों के उपस्थित ना रहने के कारण ''खाला का घर'' साबित होते नजर आ रहे। मौके पर आए हुए फरियादियों ने व्यंग्य कर कहा क़ी जब समय से अधिकारी नही आना चाहते तो कार्यालय व जनता दर्शन का समय मुख्यमन्त्री क़ो 12 बजे से रखना चाहिए, जिससें जनता क़ो अधिकारी दर्शन सुलभ हो सके।
संवाददाता अमरेन्द्र यादव