यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

बाढ़ से टापू बना सुखलिया गांव, नाव बना आने जाने का सहारा


🗒 रविवार, सितंबर 26 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
बाढ़ से टापू बना सुखलिया गांव, नाव बना आने जाने का सहारा

रायबरेली। भारी बारिश के चलते सुखलिया मजरे पुरासी गांव एक बार फिर बाढ़ की चपेट में है। गांव को जाने का मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। जिसके चलते गांव वालों का आवागमन नाव के सहारे हो रहा है। मामले में तहसील प्रशासन द्वारा एक नाव लगाकर इतिश्री कर ली गयी।बताते चलें कि बीते कई वर्षों से लगातार बारिश के मौसम में सुखलिया गांव को जाने का रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। वहीं इस बार भी चार फिट से अधिक जलभराव हो गया है। ग्रामीणों की माने तो जब तक बारिश के पूर्व सम्पूर्ण ड्रेन की सफाई नही की जायेगी तब तक यही स्थिति बनी रहेगी। यही नही गांव को जाने के लिए बने रास्ते को ऊँचा करते हुए जल निकासी के लिए पुल का निर्माण अति आवश्यक है। गांव के रास्ते में हुए जल भराव के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं गांव सहित आस पास के दर्जनों गांवों की हजारों बीघे फसल भी डूब गई है। ग्रामीण सन्दीप कुमार सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, बंटी मिश्रा, रामकली आदि ने बताया कि बारिश के समय हो हल्ला होने पर ही तहसील प्रशासन गांव की सुध लेता है। बाढ़ की समस्या समाप्त होने के बाद कोई दिखाई नहीं पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पूर्व बाढ़ के समय नाव से आये विधायक राम नरेश रावत ने मार्ग जल्द बनवाने का आश्वासन दिया। लेकिन तब से आज तक दोबारा गांव तक भी नहीं आये। उपजिलाधिकारी सबिता यादव ने बताया कि राजस्व कर्मियों की तैनाती की गयी है। कोतवाली पुलिस द्वारा बाढ़ चौकी बना निगरानी करायी जा रही है और डूबी हुई फसलों की सूची तैयार करा किसानों को शासन स्तर से मिलने वाली मदद पहुंचायी जायेगी।हर बार की जलभराव की समस्या से निजात के लिए ठोस कार्ययोजना बनायी जायेगी।

संवाददाता अमरेन्द्र यादव