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फर्जीवाड़ा कर लग्जरी कारों पर बैंकों से लेनदेन में बैंक मैनजर गिरफ्तार


🗒 शनिवार, मई 14 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
फर्जीवाड़ा कर लग्जरी कारों पर बैंकों से लेनदेन में  बैंक मैनजर गिरफ्तार

सहारनपुर, । शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने एक ऐसे गिरोह का राजफाश किया है, जो फर्जीवाड़ा कर लग्जरी कारों पर बैंकों से लेनदेन कराते थे। यह लोग गाड़ियों पर लोन लेकर दूसरी पार्टी को यह बोलकर गाड़ी बेच देते थे कि इस गाड़ी पर कोई लोन नहीं है। पुलिस ने इस तरह की 14 लग्जरी कारों को भी बरामद किया है, जिन पर फर्जीवाड़ा करके लोन लिया हुआ है। इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के मैनजर राजीव महेश्वरी को भी गिरफ्तार किया गया है।पुलिस लाइन के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसे फर्जीवाड़ा करके लोन वाली कार बेच दी गई। आरोपितों ने अंबाला रोड पर बालाजी मोटर कार सेल्स के नाम से आफिस बनाया हुआ था। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे में नामजद आरोपित ढमोला नदी की तरफ से पहलवान पीर की तरफ जा रहे हैं। जिसके बाद शहर कोतवाली प्रभारी अशोक सोलंकी और एसओजी प्रभारी मुबारिक हसन अपनी अपनी टीम के साथ पहुंचे और पांच आरोपितों को कार के साथ पकड़ लिया। वहीं, उनके चार अन्य साथियों को नन्हेड़ा गाजी रेलवे लाइन के पास से पकड़ा गए जबिक दो आरोपित भाग निकले।आरोपितों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से 14 गाड़ियां बरामद की गईं। पूछताछ में बताया कि वह लोग अपने और अपने परिचितों के नाम पर गाड़ियों पर लोन कराते हैं। जबकि बैंक मैनेजर राजीव महेश्वरी से मिलकर डीडी किसी और के नाम बनवा लेते हैं। डीडी या फिर बिल पर हायर परचेज नहीं लिखवाते थे। इसके बाद गाड़ी को किसी को भी यह बोलकर बेच देते थे कि गाड़ी पर कोई लोन नहीं है। एक साल तक गाड़ी की किश्त देते थे ताकि खरीदार को यह न लगे कि उस पर कोई लोन नहीं चल रहा है। इसके बाद वह गायब हो जाते थे। खरीदार को गाड़ी की किश्त देनी पड़ती है तो उसे पता चलता है कि गाड़ी पर लोन है। अभी इस मामले में और भी बैंकों के अधिकारी पुलिस के रडार पर हैं।