यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

सख्ती के बाद सुधर रही स्वास्थ्य व्यवस्था


🗒 शनिवार, मई 06 2017
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
संतकबीर नगर : जिले के बीमार स्वास्थ्य महकमे का इलाज करने के लिए नवागत जिलाधिकारी का विशेष जोर सामने आ रहा है। इस क्रम में उनके द्वारा जिला अस्पताल समेत सीएचसी की जांच करने के साथ ही अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई भी की है। ओपीडी के समय पर सभी डाक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान समय से कराने को लेकर डीएम के सख्त तेवर का असर भी सामने आने लगा है। ताबड़तोड़ जांच का प्रभाव साफ सफाई और मरीजों की देखरेख में भी सामने आ रहा है। जिले में कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही द्वारा सरकारी मशीनरी का पेंच कसने का कार्यक्रम आरंभ किया गया। इस क्रम में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अपनी प्राथमिकता में होने का संकेत जिला अस्पताल की जांच के साथ ही दे दिया था। खास बात रही कि पहली बार उनकी कार्रवाई चेतावनी तक सिमटने के बाद दोबारा निरीक्षण के दौरान सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई का था। बीमारों के इलाज का जिम्मा संभालने वाले स्वास्थ्य महकमे को जमीनी स्तर से ही दुरुस्त करने के लिए उन्होने 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खुद पहुंचकर जांच की। इससे उपस्थिति और मिलने वाली सुविधाओं के स्तर पर सुधार तो दिखने लगा है परंतु इसके साथ ही विभाग की अपनी मजबूरियां भी सामने आ रही हैं जिसे दूर करने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। यह है जिले में स्वास्थ्य विभाग का ढ़ांचा संतकबीर नगर जिले में जिला अस्पताल परिसर के 100 बेड में ही महिला अस्पताल भी शामिल है। इसके अतिरिक्त 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 18 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां एक डाक्टर की तैनाती होती है। सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 183 एएनएम केंद्रों स्थापित हैं जिनके माध्यम से टीकाकरण और प्रसव का कार्य किया जाता है। जिले में एक भी फिजीशियन की तैनाती नहीं होने के साथ ही विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। चिकित्सकों की कम संख्या बन रही बाधा जिले के सभी अस्पतालों पर आवश्यकता के सापेक्ष तैनाती पर गौर किया जाय तो चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ की कमी नजर आती है। स्वास्थ्य सेवा को अतिआवश्यक सेवा माना जाता है इसकी व्यवस्था ठीक करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। यदि किसी द्वारा लापरवाही की जाएगी तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता को उसके अधिकार मिलने चाहिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। - मार्कंडेय शाही, जिलाधिकारी, संतकबीर नगर।

सख्ती के बाद सुधर रही स्वास्थ्य व्यवस्था

संत कबीर नगर से अन्य समाचार व लेख

» जिला संतकबीरनगर में ट्रैक्टर-ट्राली की ट्रक से टक्कर में दो की मौत, आठ घायल

» BJP के पूर्व सांसद को कार्यक्रम में जाने से रोका- दो पक्षों में मारपीट, 'जूताकांड' से आए थे चर्चा में

» संतकबीर नगर जिले मे सरकारी कर्मचारियों ने 75 साल की एक जिंदा महिला को सरकारी अभिलेखों में मृत बता दिया

» संतकबीर नगर में छह वर्षीय बच्ची के दुष्‍कर्म

» मां को पिता से पिटता देख पुलिस के पास पहुंचा मासूम

 

नवीन समाचार व लेख

» अलीगढ़-पॉलिथीन बेचने वाले और रखने वालो पर चला नगर आयुक्त का चाबुक

» अलीगढ़-नगर आयुक्त महोदय के निर्देश पर नगला मसानी कामाख्या मंदिर जहारवीर मंदिर रोड पर चला विशेष सफाई अभियान

» यादव मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रदेश मीडिया प्रवक्ता अरविंद यादव को पगड़ी अंग वस्त्र पहनाकर किया सम्मानित

» अलीगढ़-मण्डलायुक्त के निर्देशानुसार संयुक्त कृषि निदेशक ने किया निरीक्षण

» अलीगढ़ एसडीएम अतरौली ने किया मढौली कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण