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चिन्मयानंद प्रकरण में एसआइटी की जांच पूरी डीसीबी चेयरमैन व भाजपा नेता ने भी चिन्मयानंद से मांगी थी रंगदारी


🗒 मंगलवार, नवंबर 05 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

चिन्मयानंद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच पूरी हो गई है। एसआइटी ने प्रकरण में सात आरोपित बनाए हैं। दुष्कर्म मामले में चिन्मयानंद तो रंगदारी मांगने में छात्रा, तीनों युवक समेत छह के नाम चार्जशीट में शामिल हैं। अब एसआइटी बुधवार को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। चार्जशीट में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष (डीसीबी) डीपीएस राठौर व भाजपा नेता अजीत सिंह का नाम भी शामिल किया गया है। दोनों पर चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी से इन्कार करते हुए इसमें कोर्ट के स्तर से कार्रवाई होने की बात कही गई है।मंगलवार को एसआइटी प्रभारी आइजी नवीन अरोड़ा पुलिस लाइंस में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर व अजीत सिंह ने छात्रा से राजस्थान के दौसा में पेन ड्राइव ले ली थीं। दोनों ने उसकी कॉपी तैयार की थी और चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये रंगदारी मांगी थी। दोनों पर धारा 385, 201 व 506 (रंगदारी, साक्ष्य मिटाना, धमकाना आदि) लगाते हुए चार्जशीट में इनके नाम शामिल किए गए हैं। वहीं, दोनों की गिरफ्तारी के सवाल पर कहा कि कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे, वहां से ही इस बारे में कोई आदेश होगा।इससे पहले आइजी नवीन अरोड़ा ने दो माह के दौरान की गई जांच का सिलसिलेवार ब्योरा दिया। बताया कि उनकी टीम ने किस तरह एक-एक साक्ष्य की विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई। दुष्कर्म व रंगदारी प्रकरण का आपस में कनेक्शन साबित किया। चिन्मयानंद, छात्रा व उसके दोस्त संजय सिंह के अलावा विक्रम सिंह व सचिन सेंगर की गिरफ्तारी के लिए न सिर्फ जरूरी सुबूत जुटाए बल्कि उन्हें कोर्ट में भी मजबूती से पेश किया, जिसके आधार पर पांचों आरोपितों की जमानतें खारिज हुईं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन ने अटल बिहारी वाजजेयी की सरकार में गृह राज्यमंत्री रह चुके चिन्मयानंद पर लगे दुष्कर्म के आरोप व उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने के मामले में एसआइटी का गठन किया था। छह सितंबर को शाहजहांपुर पहुंची थी। एसआइटी ने हाई कोर्ट की निगरानी में सात सितंबर से जांच शुरू की थी। इस दौरान चिन्मयानंद, छात्रा व तीनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सात नवंबर को एसआइटी को अपना जवाब हाई कोर्ट में देना है, जबकि 28 नवंबर को उसे स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी है। इससे पहले दो बार टीम हाईकोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट दे चुकी है।

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