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कोर्ट के रिकार्ड रूम में वकील भूपेन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या


🗒 सोमवार, अक्टूबर 18 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
कोर्ट के रिकार्ड रूम में वकील भूपेन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या

शाहजहांपुर,  उत्तर प्रदेश में कोर्ट परिसर में तमाम बंदिशों के बाद असलहे के साथ लोग बेरोकटोक जा रहे हैं। दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में ताबड़तोड़ फायरिंग का मामला अभी पुराना नहीं हुआ है कि शाहजहांपुर में सोमवार को कोर्ट परिसर में दिन में वकील भूपेन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका शव कोर्ट परिसर के तीसरे तल पर पड़ा मिला। घटना से शासन तक खलबली मच गई। आइजी जोन रमित शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। पांच घंटे में पुलिस ने राजफाश करते हुए आरोपित वकील को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एसआइ समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि वारदात आपसी मुकदमेबाजी की रंजिश में अंजाम दी गई।शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र के मुहल्ला बीबीजई हद्दफ निवासी अधिवक्ता भूपेंद्र प्रताप सिंह की चौक कोतवाली क्षेत्र निवासी अधिवक्ता सुरेश चंद्र गुप्ता से मुकदमेबाजी चल रही थी। दोनों ने एक दूसरे पर विभिन्न आरोपों में 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज कराए थे। इसको लेकर आपस में कई बार विवाद भी हुआ था। सोमवार को पूर्वाह्न करीब पौने 12 बजे भूपेंद्र अदालत परिसर स्थित रिकार्ड रूम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के कार्यालय पटल पर पहुंचे। वहां लिपिक अमित मिश्र लिपिक से एक मुकदमे की फाइल के बारे में पूछा। तभी अचानक गोली चली जो भूपेंद्र के दायें कान के पीछे लगी। इससे कार्यालय में अफरा तफरी मच गई। शोर मचाने पर सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे। तब तक भूपेंद्र की मौत हो चुकी थी।तमंचा उनसे कुछ दूर पर पड़ा हुआ था। जानकारी मिलते ही डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी एस आनंद सहित अन्य पुलिस अधिकारी वहां पहुंच गए। उन्होंने वहां संबंधित बाबू से पूछताछ की तो उसने किसी को देखे जाने से इन्कार किया। घटना को लेकर आक्रोशित अधिवक्ताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कचहरी तिराहे पर जाम लगा दिया। डीएम व एसपी ने वहां पहुंचकर स्थिति संभाली।जिसके बाद शव को मोर्चरी भेजा जा सका। पुलिस ने भूपेंद्र के भाई योगेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर सुरेश चंद्र गुप्ता व उनके बेटे गौरव व अंकित के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। सुरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गेट नंबर चार की सुरक्षा में तैनात दारोगा अनिल तेवतिया, सिपाही कृष्ण कुमार, वारिस अली व महिला सिपाही भावना को निलंबित कर दिया गया है।एसपी एस आनंद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर हत्यारोपित अधिवक्ता को गिरफ्तार किया था। उन्होंने हत्या की बात स्वीकारी है। मारे गए अधिवक्ता के शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अदालत परिसर की सुरक्षा और कड़ी की जाएगी। 

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