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जिला सिद्धार्थनगर में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति मामले में नया मोड़


🗒 सोमवार, अगस्त 27 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
जिला सिद्धार्थनगर में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति मामले में नया मोड़

सिद्धार्थनगर में 38 शिक्षकों की बर्खास्तगी होने के चौथे दिन बीएसए दफ्तर का ताला तोड़कर फर्जी नियुक्तियों से जुड़ी फाइलों के चुराने की कोशिश की गई। एक आलमारी व बाक्स का ताला टूटा हुआ मिला। इसके अलावा एक आलमारी के लाक को तोड़ने की असफल कोशिश की गई थी। कमरे के बाहर नियुक्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज बिखरे पाए गए। घटना की जानकारी सुबह कुछ कर्मचारियों को हुई तो इन लोगों ने मामले की जानकारी बीएसए को दी। बीएसए ने फोन पर मामले से डीएम को अवगत कराया। कुछ ही देर में दफ्तर पर एएसपी मुन्नालाल मय फोर्स पहुंच गए। उन्होंने रात में ड्यूटी पर तैनात रहे चौकीदार से मामले की जानकारी हासिल की। एएसपी के जाने के बाद सीओ सदर दिलीप कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से देर तक पूछताछ की। घटना की जानकारी होने नियुक्त पटल देख रहा कार्यालय सहायक फूट-फूट कर रोने लगा। उसका कहना था कि उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है। इसकी जानकारी उसने डीएम और एसपी को दी है। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि सभी दस्तावेज सुरक्षित भी है अथवा नहीं।

डीएम के आदेश पर सीडीओ के नेतृत्व में 66 शिक्षकों के दस्तावेजों की जाच पिछले दिनों कराई गई थी। जाच के दौरान 38 शिक्षक दूसरे के शैक्षणिक दस्तावेजों पर नौकरी करते हुए पाए गए थे। विभाग ने शनिवार को सभी 38 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। इनकी जाच से जुड़ी सभी फाइल बीएसए दफ्तर में रखी हुई हैं। रविवार एवं सोमवार को रक्षा बंधन का त्योहार होने के कारण बीएसए समेत सभी कर्मचारी अपने-अपने घर चले गए। सोमवार की रात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओम प्रकाश आफिस में प्रथम तल पर सोया हुआ था। सुबह नीचे आने पर उसने देखा की एक कक्ष का ताला टूटा हुआ है। कमरे में रखे तमाम दस्तावेज बिखरे पड़े हैं। उसने मामले की जानकारी बीएसए को दी। बीएसए की सूचना पर पुलिस सहित अन्य जिम्मेदार मौके पर पहुंच गए। पूरे दिन दफ्तर के अंदर और बाहर हड़कम्प की स्थित बनी रही। चैनल का गेट खोलकर अंदर आया संदिग्धमामले में जिस किसी की भूमिका है उसके पास चैनल के गेट की चाभी जरूर रही होगी, क्यों कि चैनल पर लगे ताले को खोला गया था। अगर कोई बाहरी व्यक्ति इसमें शामिल होता तो चैनल के गेट पर लगा ताला तोड़ना पड़ता। बिना ताला टूटे दफ्तर के कमरे तक पहुंच पाना संभव ही नहीं है। ताला तोड़कर कमरे में रखे फाइलों को ले जाने की कोशिश करना कई सवाल खड़ा कर रहा है। दफ्तर से जुड़े लोगों का कहना है कि गेट पर लगे चैनल में लगने वाले ताले की चार चाभी है। इसे अलग-अलग चार कर्मचारियों ने अपने पास रखा है। सीसीटीवी से खुलेगा राजदफ्तर में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है। इसकी फुटेज की जाच के बाद ताला तोड़ने में शामिल रहे व्यक्ति की पहचान हो सकती है। पुलिस विभाग तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है। बीएसए बाहर थे, विभाग के कर्मचारी उनके आने का इंतजार कर रहे है। विभाग का कहना है कि उनके आते ही पुलिस में तहरीर दी जाएगी। क्या कहते हैं जिम्मेदार

घटना की जानकारी मिली है। पूरी स्थिति जानने के बाद ही कुछ कह पाउंगा।

- राम सिंह, बीएसए

क्या कहती है पुलिस

अपर पुलिस अधीक्षक मुन्नालाल सिंह का कहना है कि बीएसए द्वारा उन्हें मामले की सूचना दी है। सूचना को संज्ञान में लेकर सदर पुलिस समेत पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर स्वयं पहुंचा। विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी नहीं हुए हैं। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की जाच की जाएगी।

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