यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

काबिल परिवार दहेज मांगने में सबसे आगे, आंकड़ों से उजागर काला सच


🗒 रविवार, मार्च 18 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

यदि आप अपनी बेटी के लिए पढ़ा लिखा जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी नौकरी करने वाले किसी लड़के का रिश्ता तलाश रहे हैं तो हो सकता है आपके सामने दहेज की लम्बी-चौड़ी लिस्ट रख दी जाए। ऐसा महिला परामर्श केन्द्र में आए पिछले दो साल के आंकड़े बता रहे हैं।

काबिल परिवार दहेज मांगने में सबसे आगे, आंकड़ों से उजागर काला सच

16,112 मामले विभिन्न माध्यमों से पति-पत्नी के बीच झगड़े के महिला परामर्श केन्द्रों तक पहुंचे। इनमें ग्वालियर और उसके आसपास के जिलों के भी मामले शामिल हैं। इनमें से 9 हजार मामलों में परामर्श केन्द्र ने भूमिका निभाते हुए घर टूटने से बचाए हैं। शेष में कानूनी सलाह लेने की सलाह दी है। पर परामर्श केन्द्र में आए मामलों में 3 हजार मामले ऐसे थे जिनमें दहेज मांगने वाले पढ़े लिखे परिवार थे और उनका लड़का डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी नौकरी में पदस्थ या प्राइवेट कंपनी में अच्छी सैलरी पर पदस्थ था। यही कारण है कि समाज में सामूहिक विवाह का प्रचलन बढ़ा है।

भिंड जिले में पदस्थ एक डॉक्टर का रिश्ता ग्वालियर के एक अच्छे परिवार में तय हुआ। शादी से पहले एक आई-20 कार, 15 लाख रुपए की मांग रखी गई। लड़की पक्ष ने यह बात मान भी ली। पर जब शादी की डेट फिक्स हो गई और सारी तैयारी अंतिम चरण में थी तभी डॉक्टर ने और दहेज की मांग कर दी। इस पर वधु पक्ष उसकी नीयत समझ गया। उन्होंने मांग मानने से इनकार किया तो डॉक्टर ने रिश्ता तोड़ दिया। डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज है।

मुरैना निवासी 24 वर्षीय अभिनव सिंह कोरबा में किसी कंपनी में इंजीनियर है। पिता ने उसका रिश्ता ग्वालियर के एक व्यवसायी के परिवार में तय किया। शादी में मांग के अनुसार सब दिया गया। पर शादी के बाद लड़की को कम दहेज के ताने मिलने शुरू हो गए। इसके बाद प्रताड़ित करना शुरू किया। मामला ग्वालियर महिला थाने पहुंचा। परामर्श के बाद मामला सुलझाया गया।.

ग्वालियर निवासी एक युवती का रिश्ता मर्चेंट नेवी के एक अफसर से तय हुआ। शादी के कुछ साल ठीक तो गुजरे, लेकिन उसके बाद होटल खोलने के लिए 5 लाख रुपए की मांग के साथ प्रताड़ना देना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद घर से बाहर निकाल दिया गया। परामर्श में भी मामला नहीं सुलझा तो एफआईआर दर्ज की गई।

समाज शास्त्री प्रो. आयूब खान ने कहा कि कुछ लोग दहेज को शान और वैभव से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में दहेज प्रथा को बढ़ावा मिलता है। साथ ही दहेज मांगने वालों से ज्यादा दहेज देने वाले लोग समाज में इस प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं। कुछ लोग समाज में अपनी शान के लिए अच्छा दहेज देते हैं। पर अनजाने में वह प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ समय में सामूहिक विवाह का प्रचलन तेजी से बढ़ा है।

विशेष से अन्य समाचार व लेख

» मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला, किसान सम्मान सबको; 60 साल के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन भी

» 5 जुलाई को पेश होगा आम बजट, केवल बेहद जरूरी मदों में ही बढ़ सकती है धनराशि

» मोदी सरकार की दूसरी पारी कल से शुरू होगी शपथ ग्रहण से पहले जाएंगे गांधी और अटल के समाधि स्थल पर

» UP से जीते संसदों में से 56 फीसद पर आपराधिक और गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज

» ट्विटर ने चुनाव में बनाया रिकॉर्ड, 600 फीसद बढ़ोतरी के साथ 40 करोड़ किए गए ट्वीट

 

नवीन समाचार व लेख

» जिला गोंडा में भाजपा के बूथ अध्यक्ष पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला, हालत गंभीर

» अब गलत शिकायत पर दंड के प्रावधान पर पुनर्विचार करेगा चुनाव आयोग

» प्रयागराज-वाराणसी हाईवे परबिल्टी थी मुर्गी के दाना की लेकिन ट्रक में लदी थी शराब, दो गिरफ्तार

» केंद्रीय कारागार नैनी में शराब पार्टी की फोटो वायरल, जांच शुरू

» अब बाबा दरबार में सक्रिय होगी शिकायत निवारण व्यवस्था, गठित होगा विशेष प्रकोष्ठ