यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

UP से जीते संसदों में से 56 फीसद पर आपराधिक और गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज


🗒 बुधवार, मई 29 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

संसद में सबसे अधिक भागीदारी वाले उप्र ने इस बार पिछले लोकसभा चुनाव से भी अधिक आपराधिक प्रवृत्ति वाले प्रत्याशियों को दिल्ली पहुंचाया है। चुनाव आयोग द्वारा बनाई गई शपथ पत्र की व्यवस्था ने इस हकीकत को बेपर्दा कर दिया है कि उप्र से जीतकर संसद पहुंचे सांसदों में से 56 फीसद पर आपराधिक और गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। करोड़पति प्रत्याशी भी मतदाताओं ने बांहें खोलकर गले लगाए हैं।निर्वाचन आयोग ने 2019 के लोकसभा चुनाव में यह व्यवस्था सख्त कर दी थी कि प्रत्याशियों को अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों का उल्लेख करते हुए शपथ पत्र देने होंगे। चुनाव नतीजे आने के बाद एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने उन शपथ पत्रों का विश्लेषण किया है। इससे निष्कर्ष निकला है कि 17वीं लोकसभा में पिछली बार की तुलना में आपराधिक प्रवृत्ति के सांसद कहीं अधिक संख्या में पहुंचे हैं। इस बार 44 (56 फीसद) सांसदों के द्वारा अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए गए हैं, जबकि 2014 में 80 में से 28 (35 फीसद) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए थे।यही नहीं, गंभीर आपराधिक मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। 37 (47 फीसद) सांसदों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 2014 में यह आंकड़ा महज 22 (28 फीसद) ही था। आपराधिक मामलों में पहले नंबर पर रामपुर सीट से जीते सपा सांसद आजम खां, दूसरे पर घोषी के बसपा सांसद अतुल कुमार सिंह और तीसरे स्थान पर उन्नाव से विजयी हुए भाजपा सांसद स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी हैं। यह अध्ययन 80 में से 79 सांसदों के शपथ पत्र का है, क्योंकि अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले का शपथ पत्र स्पष्ट नहीं था।शपथ पत्रों के मुताबिक, अध्ययन में शामिल 79 में से 77 (98 फीसद) सांसद करोड़पति हैं, जबकि पिछले आम चुनाव में 80 में से 68 (85 फीसद) सांसद ही इस श्रेणी में थे। करोड़पति सांसदों की सूची में पहले स्थान पर मथुरा की भाजपा सांसद हेमा मालिनी, दूसरे पायदान पर बसपा के बिजनौर सांसद मलूक नागर और तीसरे क्रम पर भाजपा के टिकट पर झांसी लोकसभा सीट से जीते उद्योगपति अनुराग शर्मा हैं। 17वीं लोकसभा में उप्र से जीतने वाले सांसदों की औसतन संपत्ति 18.5 करोड़ है।भारत को भले ही सबसे युवा देश की संज्ञा दी जाती हो लेकिन, 17वीं लोकसभा की तस्वीर इससे हटकर है। दरअसल, 25 से 50 वर्ष की आयु के महज 27 (34 फीसद) सांसद ही जीते हैं, जबकि 51 से 80 वर्ष वालों की संख्या 51 (65 फीसद) है। एक सांसद ने तो अपनी उम्र 80 वर्ष से भी अधिक घोषित की है। इसके अलावा महिला सांसद मात्र 10 (13 फीसद) हैं।उप्र से जीते सांसदों के विवरण में एक और खास बात निकलकर सामने आई है। तीन बार गुजरात जैसे संपन्न राज्य के मुख्यमंत्री और पांच साल प्रधानमंत्री रह चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अधिक संपत्ति तो उनके कार्यकर्ताओं के पास है। संपत्ति के मामले में प्रधानमंत्री मोदी 60वें स्थान पर हैं, जबकि उन्हीं की पार्टी की सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी शीर्ष पर हैं। पांचवें स्थान पर मेनका गांधी तो आठवें स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम है। वहीं, घोषित संपत्ति में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी 24वें स्थान पर हैं।

UP से जीते संसदों में से 56 फीसद पर आपराधिक और गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज

विशेष से अन्य समाचार व लेख

» मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला, किसान सम्मान सबको; 60 साल के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन भी

» 5 जुलाई को पेश होगा आम बजट, केवल बेहद जरूरी मदों में ही बढ़ सकती है धनराशि

» मोदी सरकार की दूसरी पारी कल से शुरू होगी शपथ ग्रहण से पहले जाएंगे गांधी और अटल के समाधि स्थल पर

» ट्विटर ने चुनाव में बनाया रिकॉर्ड, 600 फीसद बढ़ोतरी के साथ 40 करोड़ किए गए ट्वीट

» 23 मई को सुबह 8 बजे शुरू होगी काउंटिंग, संभावित हिंसा के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैद

 

नवीन समाचार व लेख

» फतेहपुर मे सोमवती अमावस्या पर गंगा में नहा रहे चाचा-भतीजे और एक बच्चे की डूबकर मौत

» जिला अलीगढ़ में बच्ची की हत्या के मामले में टप्पल थाने के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, संजय ने संभाला चार्ज

» यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण हादसा, बस पलटने से चार यात्रियों की मौत

» प्रयागराज के घूरपुर में युवक की हत्या, नाले में फेंका शव

» अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा में लाया गया एयरपोर्ट, भेजा गया अहमदाबाद