यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

बुंदेलखंड में रक्षाबंधन पर बहनें नहीं बांधतीं हैं राखी, निभा रहे 837 साल पुरानी अनोखी परंपरा


🗒 गुरुवार, अगस्त 15 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

रक्षाबंधन पर जब देशभर में बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं, तब समूचे बुंदेलखंड में भाइयों की कलाई सूनी रहती हैं। यहां के लोग 837 साल पहले कायम इस परंपरा को गर्व के साथ निभा रहे हैं। भुजरियों के युद्ध में मिली विजय के उत्सव के रूप में दूसरे दिन ही कजली महोत्सव होता है और इसी दिन कजलियों का विसर्जन किया जाता है। तब से यहां दूसरे दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा है।इतिहासकार डा. एलसी अनुरागी बताते हैं कि 837 साल पहले उरई के राजा माहिल के कहने पर महोबा के राजा परमालिदेव ने सेनापति आल्हा और ऊदल को राज्य से निष्कासित कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद रक्षाबंधन पर राजकुमारी चंद्रावल सखियों के साथ कीरतसागर तालाब में कजलियां विसर्जन करने जा रही थीं। रास्ते में दिल्ली के राजकुमार पृथ्वीराज चौहान ने राजकुमारी चंद्रावल का घेर लिया। पृथ्वीराज चौहान ने राजा परमालि से युद्ध रोकने के लिए बेटी चंद्रावल, पारस पथरी व नौलखा हार सौंपने की शर्त रखी। यह दास्तां स्वीकार करने जैसा था। इसलिए चंदेल शासक ने इसे ठुकरा दिया और भीषण संग्राम शुरू हो गया।यह चंदेल शासन काल का वह दौर था जब महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्धकला का परिचय देती थीं। इतिहासकारों ने इसे भुजरियों के युद्ध की संज्ञा दी है। इसमें राजकुमारी चंद्रावल ने सखियों के साथ तलवार लेकर बहादुरी से चौहान सेना का मुकाबला किया। युद्ध में जीत मिली, लेकिन कजलियों का विसर्जन दूसरे दिन हो सका। इसी दिन रक्षापर्व दूसरे दिन मनाने की परंपरा शुरू हुई जो आज भी गर्व का अहसास कराती है।गांव छिकहरा निवासी आल्टा सम्राट वंशगोपाल यादव बताते हैं कि आल्हा ऊदल महोबा से जा चुके थे लेकिन जब उन्हें चौहान सेना के साथ युद्ध की जानकारी मिली तो साधु वेश में महोबा लौटे और चौहान सेना के साथ युद्ध किया। इससे चौहान सेना के पैर उखड़ गए और उन्हें मात खानी पड़ी।

बुंदेलखंड में रक्षाबंधन पर बहनें नहीं बांधतीं हैं राखी, निभा रहे 837 साल पुरानी अनोखी परंपरा

विशेष से अन्य समाचार व लेख

» यूपी की 'फरार दुल्हन' का हैरान करने वाला सच, सोशल मीडिया में भी हो रही चर्चा

» लखनऊ की यातायात व्यवस्था बकरीद पर बदली रहेगी

» पंचतत्व में विलीन हुईं सुषमा स्वराज, आंखें हुई नम

» जानिये क्‍या था Article 370 और जम्‍मू-कश्‍मीर में इसके लागू होने, हटाए जाने के मायने

» जम्‍मू-कश्‍मीर में मोदी सरकार के सामने अनुच्छेद 370 और 35ए को लेकर क्‍या हो सकते हैं विकल्‍प

 

नवीन समाचार व लेख

» लखनऊ पहुंची नोएडा पुलिस फर्जी खबर चलाने वाले आरोपित के साथ दफ्तर सील

» ऊर्जा बचत एवं संरक्षण हेतु, जागरूक करने के लिए कैंपियन वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

» लखनऊ नगर निगम की कार्यकारणी बैठक लिए गए महत्वपूर्ण फैसले.

» युवा सर्राफ को चाकुओं से किया जख्मी, बचाव के लिए आई पत्नी को भी नही बख्शा

» चैकिंग के दौरान पुलिस ने सेन्ट्रो कार से 5 पेटी देशी शराब की बरामद,एक गिरफ्तार