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भारत में ओन-लाइन मनाया गया विश्व फालुन दाफा दिवस


🗒 रविवार, मई 17 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
भारत में ओन-लाइन मनाया गया विश्व फालुन दाफा दिवस
दुनिया भर के फालुन दाफा अभ्यासी 13 मई को विश्व फालुन दाफा दिवस के रूप में मनाते हैं और रैलिओं, प्रदर्शनियों और सम्मेलनों का आयोजन करते है. चूंकि लॉक डाउन के चलते बाहरी गतिविधि नहीं की जा सकतीं, भारत के फालुन दाफा ने इस वर्ष फालुन दाफा दिवस की 21वीं वर्षगाँठ को ओन-लाइन मनाने का निर्णय किया. फालुन दाफा, जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है, मन और शरीर का एक उच्च स्तरीय साधना अभ्यास है जिसकी शुरुआत गुरु ली होंगज़ी द्वारा 13 मई, 1992 को चीन में की गयी थी. इससे पहले यह अभ्यास प्राचीन समय से एक गुरु से एक शिष्य को हस्तांतरित होता आ रहा था. आज दुनिया भर में 120 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है. शिक्षाओं के अतिरिक्त, फालुन दाफा में पांच व्यायाम भी सिखाये जाते हैं जो गति में धीमे, सौम्य और ध्यान पर आधारित हैं. व्यायाम सीखने में सरल किन्तु प्रभावशाली हैं और पूरी तरह नि:शुल्क सिखाये जाते हैं. आज के तेज प्रवाह जीवन में फालुन दाफा का अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का लक्ष्य प्राप्त करने में प्रभावी रहा है, बल्कि, इसने करोड़ों लोगों के आध्यात्मिक विकास और नैतिक चरित्र के उत्थान में भी सकारात्मक भूमिका प्रदान की है.फालुन दाफा और इसके संस्थापक, श्री ली होंगज़ी को, दुनियाभर में 1,500 से अधिक पुरस्कारों और प्रशस्तिपत्रों से नवाज़ा गया है. श्री ली होंगज़ी को नोबेल शांति पुरस्कार व स्वतंत्र विचारों के लिए सखारोव पुरस्कार के लिए भी मनोनीत किया जा चुका है. 
फालुन दाफा भारत मेंफालुन दाफा को भारत में सन 2000 से सिखाना आरम्भ किया गया. तब से, देश भर के अनेकों  स्कूल और कॉलेजों में इस ध्यान अभ्यास को सिखाया गया है. कई बड़े संगठनों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों लिए फालुन दाफा की कार्यशालाएं आयोजित की हैं. दिलचस्प बात यह है कि कई जेल अधीक्षकों ने कारागृहों में कैदियों के स्वास्थ्य और नैतिक गुण उत्थान के लिए इस अभ्यास को सिखाने के लिए अनुरोध किया है. मुंबई के अनेक फैशन मॉडल्स भी अपने भागदौड़ भरे जीवन में स्थिरता और तनावमुक्ति के लिए फालुन दाफा को अपना रहे है. चीन में दमन चीन में फालुन गोंग इसके स्वास्थ्य लाभ और नैतिक सुधार के कारण लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया. कुछ ही वर्षों में, 7 करोड़ से अधिक चीनी लोग इसका अभ्यास करने लगे. उस समय चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की मेम्बरशिप केवल 6 करोड़ थी. इसका बढ़ता जनाधार चीनी शासकों को खलने लगा. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने फालुन गोंग की शांतिप्रिय प्रकृति के बावजूद, 20 जुलाई 1999 को इस पर पाबंदी लगा दी और इसे कुछ ही महीनों में जड़ से उखाड़ देने की मुहीम चला दी. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी फालुन गोंग को दबाने के लिए क्रूर दमन कर रही है जो आज तक जारी है.विश्व फालुन दाफा दिवस की 21वीं वर्षगाँठ मनाई गई ओन-लाइन इस अवसर पर पूरे भारत के अभ्यासियों ने 10 मई को ओन-लाइन विडियो कोन्फेरेंस आयोजित की और अभ्यास के बारे में अपने अनुभव साझा किये. इसके अतिरिक्त, 13 मई को फालुन दाफा इंडिया फेसबुक पेज पर हुए लाइव इवेंट पर अनेक शहरों के अभ्यासी जुड़े और हजारों लोगों को इस अनूठे अभ्यास के बारे में जानकारी दी. लोगों ने बड़ी मात्रा में लाइक, कमेंट और शेयर कर इस इवेंट को सफल बनाया.यदि आप भी फालुन दाफा सीखने या इसके बारे में और जानने के लिए इच्छुक हैं तो इसकी अधिक जानकारी www.falundafa.org या www.falundafaindia.org पर पा सकते हैं. फालुन दाफा व्यायाम की नि:शुल्क ओन-लाइन वर्कशॉप में भाग लेने के लिए आप फालुन दाफा इंडिया फेसबुक पेज पर रजिस्टर कर सकते हैं.

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