यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

उन्नाव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो जालसाजों ने ढाई लाख ठगकर थमाया स्वास्थ्य महकमे का फर्जी नियुक्ति पत्र


🗒 गुरुवार, नवंबर 05 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
उन्नाव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो जालसाजों ने ढाई लाख ठगकर थमाया स्वास्थ्य महकमे का फर्जी नियुक्ति पत्र

उन्नाव ,दिवंगत स्वास्थ्यकर्मी के पुत्र को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो जालसाजों ने ढाई लाख रुपये ठग लिए। फर्रुखाबाद निवासी युवक रिश्तेदार व दूसरे ठग से मिला नियुक्तिपत्र लेकर उन्नाव पहुंचा तो राज खुला। पीडि़त युवक की शिकायत पर सीएमओ ने स्वास्थ्य महानिदेशक को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की अनुमति मांगी है। फर्रुखाबाद के अजीजलपुर पोस्ट ताजपुर निवासी जितेंद्र सिंह के पिता स्व.जगपाल सिंह स्वास्थ्य विभाग में कुरावली मैनपुरी में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद दो लोगों ने जितेंद्र को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी का झांसा दिया। ढाई लाख रुपये लेकर उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह नेगी के कार्यालय के निदेशक पैरामेडिकल अमित गुप्त के हस्ताक्षर से जारी नियुक्ति पत्र उसे दिया। इसमें डार्करूम सहायक के पद पर तैनाती देने की बात कही गई थी। जितेंद्र आदेश लेकर सीएमओ उन्नाव के कार्यालय में 2 नवंबर को ज्वाइङ्क्षनग के लिए पहुंचा। वहां लिपिक प्रेम ङ्क्षसह ने नियुक्ति आदेश बनाने के समय निदेशक पैरामेडिकल का नाम गलत देखा तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने सीएमओ डॉ.कैप्टन आशुतोष को जानकारी दी। सीएमओ ने निदेशक प्रशासन स्वास्थ्य विभाग पूजा पांडेय से जानकारी की तो पता चला कि निदेशक पैरामेडिकल डॉ. हीरालाल हैं और आदेश फर्जी है। गुरुवार को युवक नियुक्ति आदेश लेने पहुंचा तो स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ को जानकारी दी। सीएमओ ने जितेंद्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि कन्नौज निवासी दो लोगों के ढाई लाख रुपये लेकर नियुक्ति पत्र दिया है। इसमें अपने रिश्तेदार बाराबंकी में संविदा पर तैनात एंबुलेंस चालक व कन्नौज निवासी शैलेंद्र का नाम बताया। पता नहीं जानने की बात कहकर उसने नाम और फोन नंबर दिए।सीएमओ कार्यालय के पटल लिपिक प्रेम सिंह ने बताया कि आदेश में जालसाजी के शिकार जितेंद्र के पिता स्व.जगपाल सिंह की पोस्टिंग कुरावली मैनपुरी में थी, लेकिन वहां के सीएमओ को आदेश की प्रतिलिपि नहीं भेजी गई थी। वहीं निदेशक पैरामेडिकल का नाम भी गलत था। मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक, निदेशक पैरामेडिकल और निदेशक प्रशासन को पत्र की छायाप्रति और युवक के लिखित बयान के साथ भेजा है। उनका आदेश मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। 

उन्नाव से अन्य समाचार व लेख

» बांगरमऊ में एक-एक कार्यकर्ता की हुई जीत- पंकज गुप्ता

» उन्नाव में श्रमिक की मौत पर स्वजन ने किया फैक्ट्री गेट पर हंगामा

» अमर शहीद गुलाब सिंह की जन्म शताब्दी पर पहुंचे सांसद साक्षी महाराज

» उन्नाव में सामने आया अनोखा किस्सा, जिसकी हत्या में बेगुनाह जेल गया वह महाराष्ट्र में जिंदा मिली

» उन्नाव मे दुष्कर्म पीडि़ता की मौत के बाद से गांव में तैनात है पुलिस-पीएसी, फिर भी बच्चा हुआ गायब

 

नवीन समाचार व लेख

» योगीराज में दलित हो रहे प्रताड़ित, कार्यकर्ता उठाएं आवाज - प्रियंका वाड्रा

» रायबरेली में Acid से भरे टैंकर में भिड़ी DCM, सड़क पर फैला तेजाब

» UP की पुलिस तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह को तलाशने में नाकाम, SP अमेठी को चेतावनी

» लखनऊ में मनमाना किराया वसूल रहे प्राइवेट एंबुलेंस चालक, छापेमारी में 14 गाड़ियां सीज

» भाजपा ने औवैसी को दी मात, 48 सीटों पर दर्ज की जीत, टीआरएस रही सबसे आगे