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पांच राज्यों में घोषित हुए चुनाव, 4 फरवरी को पहला चरण


🗒 बुधवार, जनवरी 04 2017
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
पांच राज्यों में घोषित हुए चुनाव, 4 फरवरी को पहला चरण

चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेस शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग 5 राज्यों में चुनाव  की तारीखों में चुनाव की घोषणा 

चुनाव एक नजर में

उत्तर प्रदेशः सात चरणों में चुनाव 

पहला चरण में 73 सीटों के लिए 11 फरवरी के लिए चुनाव 

दूसरे चरण में 67 सीटें के‌ लिए 15 फरवरी को चुनाव 

तीसरे चरण की 69 सीटों के लिए 19 फरवरी को चुनाव 

चौथे चरण की 53 सीटों के लि‌ए 23 फरवरी को चुनाव

पांचवे चरण की 52 सीटों के लिए 27 फरवरी को वोटिंग 

छठवें चरण की 43 सीटों के लिए 4 मार्च को चुनाव 

सातवें चरण की 40 सीटों के लिए 8 मार्च को चुनाव 


गोवाः 
सीटः 40
चुनावः 4 फरवरी को(एक चरण में चुनाव)

पंजाब 

सीटः 117

चुनावः 4 फरवरी(एक चरण में चुनाव)

उत्तराखंडः 

सीटः 70
चुनावः 15 फरवरी (एक चरण में चुनाव)

मणिपुर
सीटः 60
चुनावः 4 मार्च और 8 मार्च(दो चरणों में होगा चुनाव)

11 मार्च को होगी मतगणना
-यूपी में सातवें चरण का मतदान 8 मार्च को होगा, 40 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में छठे चरण का मतदान 4 मार्च को होगा, 43 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में पांचवें चरण का मतदान 27 फरवरी को होगा, 52 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी को होगा, 53 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में तीसरे चरण का मतदान 19 फरवरी को होगा, 69 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में दूसरा चरण का मतदान 15 फरवरी का, 67 सीटें होंगी शामिल
-यूपी में पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को होगा, 73 सीटें होंगी शामिल
-73 विधानसभा के लिए होगा पहले चरण का मतदान, 15 जिलें होंगे शामिल
-यूपी में सात चरणों में होंगे मतदान
-मणिपुर में दूसरे चरण का मतदान 8 मार्च
-मणिपुर में पहले चरण का मतदान 4 मार्च
-मणिपुर में दो चरण में होंगे चुनाव
-15 फरवरी को होंगे उत्तराखंड में चुनाव
-उत्तराखंड में भी एक ही चरण में होंगे मतदान
-पंजाब में चुनाव की तिथि 4 फरवरी शनिवार।
-गोवा में चुनाव की तिथि 4 फरवरी शनिवार।
-सभी राज्यों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।
-सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रचार पर नजर
-20 हजार से ज्यादा चुनावी कर्ज भी चेक से लेना होगा
-20 हजार से ज्यादा चंदा चेक से लेना होगा।
-चुनाव आयोग पेड न्यूज पर खास ध्यान रखेगा
-उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में 28 लाख होगी चुनाव में खर्च की सीमा
-चेक के जरिए भुगतान करना होगा।
-गोवा मणिपुर में 20 लाख रुपए ही खर्च कर पाएंगे उम्मीदवार
-28 लाख रुपए ही खर्च कर पाएंगे उम्मीदवार
-प्रत्याशियों को बकाए का भी शपथपत्र देना होगा।
-आज रात 10 बजे से लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा।
-उम्मीदवारों के लिए नियमों में बदलाव
-पांचो राज्यों में आचार संहिता आज से लागू होगी।
-कुछ जगहों पर महिलाओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ होंगे।
-690 में से 133 सीटें सुरक्षित होंगी।
-ईवीएम में उम्मीदवार की तस्वीर भी लगेगी
-गुप्त मतदान के लिए ईवीएम के पास ऊंची दीवार होगी
-दिव्यांगों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे पोलिंग बूथ
-बूथ पर वोटर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे।
-कुछ पोलिंग बूध मॉडल पोलिंग बूथ की तरह होंगे।
-मतादाता की जानकारी के लिए हर पोलिंग बूध पर पोस्टर लगाए जाएंगे।
-1 लाख 85 हजार पोलिंग बूथ होंगे।
-सभी वोटर्स को रंगीन फोटो आई कार्ड दिए जाएंगे।
-हर परिवार को वोटर गाइड दिया जाएगा
-16 करोड़,मतदाता वोट डालेंगे
-690 विधानसभा सीटों पर होंगे चुनाव
- मुख्य निर्वाटन आयुक्त जसीम जैदी की अगुवाई में चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेस शुरू हो चुकी है। 

उत्तर प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच आज चुनाव आयोग पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान करेगा। चुनाव आयोग ने दोपहर 12 बजे के करीब प्रेस कांफ्रेंस बुलाया है। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग इस प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव तारीखों की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में मंगलवार को पांच राज्यों के चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की। इस घोषणा के साथ ही पांच राज्यों में चुनाव आचार संहिता भी प्रभाव में आ जाएगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 27 मई को पूरा हो रहा है जबकि चार राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च तक पूरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में चुनाव एक ही दिन निपटाए जा सकते हैं, जबकि यूपी में सात चरणों में चुनाव होने की संभावना है। 

आयोग ने कैबिनेट सचिव और चुनाव वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में पहले की तरह ही निर्देशों का एक पुलिंदा भी भेजा है, जिन्हें वे घर ले जाकर पढ़ सकें और चुनाव तारीख की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर सकें। इसमें आयोग ने पूरी सूची तैयार की है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। 

 

मसलन, सार्वजनिक स्थल के दुरुपयोग, चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना, राज्य सरकार की वेबसाइटों से राजनीतिक हस्तियों की तस्वीरें हटाना और सत्तारूढ़ पार्टी के विज्ञापन के लिए सरकारी धन के इस्तेमाल का ख्याल रखना आदि।

आयोग ने राजनीतिक दलों को भी याद दिलाया है कि वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी होने जा रहे राजनीतिक विज्ञापनों का प्री-सर्टिफिकेशन के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी से संपर्क करें।