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जम्मू-कश्मीर से UP की जेलों में ट्रांसफर कैदियों को लेकर हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल, जेल में मुलाकात बंद


🗒 रविवार, अगस्त 11 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

जम्मू कश्मीर को राज्य घोषित करने के साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र सरकार वहां के माहौल में तल्खी कम करने के प्रयास में है। इसी क्रम में वहां की जेलों में पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (पीएसए) और अन्य धाराओं में बंद सौ से अधिक कैदी पत्थरबाज व आतंकियों को उत्तर प्रदेश की विभिनन जेलों में ट्रांसफर किया गया है।इनको वायुसेना के विमानों से आगरा, बरेली, लखनऊ व प्रयागराज लाया गया है। उत्तर प्रदेश की इन जेलों में बंद इन कैदियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। कैबिताए गए हैं। आगरा में रविवार को अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जेल की पड़ताल की। इस दौरान इन सभी कैदियों की सुरक्षा को और सख्त करने का निर्देश दिया गया। कश्मीरी बंदियों के जिला जेल में शिफ्ट होने व हाई अलर्ट के बाद खुफिया विभाग पूरी तरह सक्रिय है। एलआइयू, आइबी के साथ एटीएस भी सक्रिय है। मिलिट्री इंटेलीजेंस भी पूरी तरह अलर्ट है।जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां के हालात फिक्रमंद थे। इसी बीच कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनको लेकर वहां की जेल की निगरानी में इजाफा किया गया। इस बीच आनन-फानन बड़ा फैसला हुआ और जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद बंदियों को वहां से सैकड़ों किमी दूर भेज दिया गया। यह भी कहा जा रहा कि वहां जेल में कुछ षडय़ंत्र रचा जा रहा था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया। अनुच्छेद 370, 35 (ए) हटने के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। इसी के मद्देनजर जम्मू की जेलों में बंद आतंकवादियों और पत्थरबाजों को उत्तर प्रदेश की जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। प्रदेश की आगरा, बरेली, लखनऊ व प्रयागराज में जम्मू कश्मीर की विभिनन जेल में बंद सौ से अधिक कैदियों को शिफ्ट किया गया है।इसी क्रम में रविवार को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में दो दर्जन से अधिक कैदी को कड़ी सुरक्षा में शिफ्ट किया गया। इन सभी को वायुसेना के विशेष विमान से बमरौली एयरपोर्ट पर लाया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में नैनी सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। नैनी सेंट्रल जेल में शिफ्टिंग के दौरान जिले के डीएम व एसएसपी भी कई थानों की फोर्स के साथ मौजूद थे।जम्मू कश्मीर से दो दर्जन कैदियों को शनिवार को लखनऊ जिला जेल में शिफ्ट किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर इन कैदियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट इन कैदियों में पत्थरबाज, अलगाववादी नेता और आतंकी हैं। आतंकियों की शिफ्टिंग के पहले जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जेल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बैरक के साथ जेल परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर ड्यूटी प्वाइंट चिन्हित कर जवानों की तैनाती भी कराई। जेल परिसर समेत आस-पास के इलाके में अत्याधुनिक शस्त्रों से लैस अर्ध सैनिक बल बड़ी संख्या में तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा कर्मी इन पर कड़ी नजरें रखे हैं। इसके साथ ही सीसी कैमरे से पल-पल हाई सिक्योरिटी बैरक की निगरानी की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर से UP की जेलों में ट्रांसफर कैदियों को लेकर हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल, जेल में मुलाकात बंद

जिला कारागार लखनऊ में पहले से ही आतंकियों और खूंखार अपराधियों समेत 47 कैदी बंद हैं। जिसके चलते पहले से ही जेल को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया था। अब इन 24 कैदियों के आने के बाद यहां की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। जिसके जलते यहां पर दीवारों से लेकर पूरे परिसर और मुख्य मार्ग व चौराहों पर भी अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा कर्मी हर एक आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू से लाए गए कैदियों को भी जेल मैनुवल के हिसाब से ही रखा गया है। हालांकि उनके आने के बाद जेल परिसर और आस पास के क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।जम्मू-कश्मीर से लाए गए इन कैदियों को प्लेन से एयरफोर्स स्टेशन, बीकेटी लाया गया। एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार दोपहर कैदियों के आने की सूचना पर ही भारी पुलिस बल और अर्ध सैनिक बल तैनात कर दिया गया था। यहां से इन्हें तीन गाडिय़ों से कड़ी सुरक्षा में गोसाईगंज क्षेत्र स्थित जेल में ले जाकर दाखिल किया गया।जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद 20 बंदियों को बरेली की जिला जेल में शिफ्ट किया गया है। शुक्रवार दोपहर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विशेष हवाई जहाज से उन्हें त्रिशूल एयरबेस लाया गया। वहां से जिला जेल भेजा गया। सभी को पांच-पांच का समूह बनाकर अलग बैरकों में रखा गया है। जम्मू-कश्मीर के बंदी शिफ्ट होने के बाद जिला जेल में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। जेल के बाहर पीएसी लगा दी गई है। बिथरी चैनपुर थाने की पुलिस 24 घंटे लगातार आसपास गश्त करेगी।जम्मू की जेल से बंदियों को यहां शिफ्ट किए जाने के बाद बरेली की जिला जेल उत्तर प्रदेश के हाई रिस्क जोन में शामिल हो गई है। जेल में जल्द ही स्टाफ को बढ़ाया जा सकता है। शासन को यह चिंता रहेगी कि यहां कोई भी बंदी किसी तरह का तानाबाना नहीं बुन पाए। इसलिए इन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। सभी बंदियों ने दोपहर और शाम को जेल मेन्यू के अनुसार बना खाना खाया। किसी अन्य चीज की मांग नहीं की। बाकी बंदियों से उन्हें दूर ही रखा जा रहा ताकि किसी तरह के विवाद की स्थिति न बने। यहां की नई जिला जेल को सुरक्षा के लिहाज से दुरुस्त माना जाता है। आधुनिक संसाधनों से जेल को हाईटेक बनाया गया। सुरक्षा बंदोबस्त बेहतर होने के कारण ही पिछले दिनों पूर्वाचल के कुख्यात माफिया अतीक अहमद का यहां भेजा गया था।इसके बाद अब सरकार ने जम्मू की जेल में बंद बंदियों को यहां भेजा है। बताया जा रहा है कि जिन बंदियों को यहां भेजा गया है वह खासे कुख्यात हैं। इनमें कुछ संदिग्ध आतंकी भी शामिल हैं। जबकि कुछ अलगाववादी व पत्थरबाज हैं। यहां पर जम्मू-कश्मीर के बंदी शिफ्ट होने के बाद डीआइजी राजेश कुमार पाण्डेय, एसएसपी मुनिराज जी. जिला जेल पहुंचे। वहां की सुरक्षा व्यवस्था परखी। इन बंदियों को पांच-पांच के समूह बनाकर अलग बैरकों में रखा गया है। नजर रखने के लिए जेल के अंदर अलग से सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। बंदी रक्षक 24 घंटे इनकी हरकतों पर निगाह रखेंगे।

जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर जेल से 26 कैदियों को आगरा सेंट्रल जेल लाया गया है। पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (पीएसए) और अन्य धाराओं में बंद ये कैदी पत्थरबाज और आतंकी बताए गए हैं। इन्हें विशेष विमान से आगरा के खेरिया एयरपोर्ट लाया गया। वहां से बेहद कड़ी सुरक्षा में हलवाई की बगीची स्थित जेल ले जाया गया। इन्हें दो हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जम्मू के कोट भलवाल की सेंट्रल जेल से 10 और कठुआ के हीरानगर जेल से कैदियों को ट्रांसफर किया गया है। प्रदेश और केंद्र का गृह विभाग इसकी मॉनिट्रिंग कर रहा है। इन कैदियों की बैरक के बाहर 24 घंटे पहरा रहेगा। डीएम एनजी रवि कुमार व एडीएम सिटी केपी सिंह इन्हें रखे जाने की व्यवस्था देखने के लिए जेल पहुंचे। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि कैदियों को कड़ी सुरक्षा में लाया गया।वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय के मुताबिक जेल प्रशासन ने सघन तलाशी के साथ ही सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। तलाशी के दौरान कपड़े, खानपान व जेल मैनुअल के मुताबिक जो भी वैध सामान था, वही ले जाने दिया गया। बाकी जेल प्रशासन ने जब्त कर लिया। उन्होंने बताया इन कैदियों की निगरानी में डिप्टी जेलर के साथ अन्य जेलकर्मियों को लगाया गया है। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि कंट्रोल रूम से लगातार इन पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा इतनी तगड़ी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।जम्मू कश्मीर के 26 बंदियों के आगरा केंद्रीय कारागार में शिफ्ट होने के बाद से सतर्कता अधिक बढ़ गई है। इसी के चलते रविवार दोपहर जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे प्रमुख सचिव गृह ने केंद्रीय कारागार में आला अधिकारी के साथ बैठक की। उनके साथ एडीजी अजय आनंद, आईजी रेंज ए सतीश गणेश, एसएसपी बबलू कुमार, डीएम एनजी रवि कुमार आदि आला अधिकारी भी थे।जुर्माने के अभाव में बंद कैदियों की रिहाई की कवायद शासन स्तर से चल रही है। सेंट्रल जेल में भी बंद ऐसे कैदियों की सूची तैयार की जा रही है। इन बंदियों की रिहाई पंद्रह अगस्त को हो सकती है। 

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