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मुख्यमंत्री से मेधावी छात्र-छात्राओं को मिले चेक बाउं समातहत करा रहे प्रदेश सरकार की किरकिरी


🗒 बुधवार, सितंबर 11 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

अफसरों की जरा सी चूक अब सरकार की किरकरी कर रही है। फर्रुखाबाद और हमीरपुर के मेधावियों को मिले चेक बाउंस होने का मामला सामने आया है। यह चेक बीती एक सितंबर को लखनऊ में जिले के मेधावियों का सम्मान कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे थे। मेधावियों ने बैंक में चेक लगाई तो पहले खाते में धनराशि जमा हुई और कुछ देर बाद वापस हो गई।हमीरपुर जिले में स्थित सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण दिलीप कुमार व अंकित और चित्रगुप्त इंटर कॉलेज से रीतेंद्र, हाईस्कूल उत्तीर्ण ब्रजेंद्र व अनिल कुमार और सुमन भारती सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की हर्षिता साहू को लखनऊ में एक सितंबर को मुख्यमंत्री ने 21-21 हजार रुपये की चेक, टेबलेट, मेडल और प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया था। छात्र दिलीप ने बताया कि दो सितंबर को इलाहाबाद बैंक राठ शाखा में खाते में चेक लगाई थी।चार सितंबर को बैंक द्वारा मैसेज भेजा गया, जिसमें चेक रिटर्न का हवाला दिया गया था। छात्र ने बताया कि पहले उसके खाते में 21 हजार रुपये जमा हुए, फिर उसी दिन वापस हो गए। ऐसी ही शिकायत अन्य मेधावी भी कर रहे हैं। वह चेक लेकर भटकने को मजबूर हैं। हमीरपुर जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। सुबह बैंक से पता लगवाएंगे कि आखिर चेक बाउंस होने का क्या कारण है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।फर्रुखाबाद के इंटरमीडिएट के छह और हाईस्कूल के पांच मेधावियों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का स्टाफ 31 अगस्त को लखनऊ ले गया था। एक सितंबर को मुख्यमंत्री ने 21-21 हजार रुपये के चेक, मेडल व टेबल देकर सम्मानित किया था। अंबेडकरनगर नरकसा निवासी तोताराम वर्मा के पुत्र प्रद्युम्न वर्मा के अनुसार मुख्यमंत्री से मिला चेक दूसरे दिन बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सेठ गली में जमा किया था। नौ सितंबर को बैंक के कर्मियों ने उसे बुलाया और चेक बाउंस होने की पर्ची पकड़ा दी। कहा गया है कि चेक बाउंस होने के बारे में डीआइओएस दफ्तर में जाकर पता करवाएं।एसबीआइ फर्रुखाबाद शाखा के मुख्य प्रबंधक गिरीश कुमार स्वामी का कहना है कि चेक पर डीआइओएस के हस्ताक्षर प्रमाणित न होने से चेक बाउंस हुआ। बैैंक में मौजूदा डीआईओएस के हस्ताक्षर किसी वजह से अपलोड नहीं हो सके होंगे। अब मौजूदा डीआइओएस के हस्ताक्षर प्रमाणित होने पर ही चेक का भुगतान किया जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर फर्रुखाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का खाता स्टेट बैंक फतेहगढ़ में खुला है। इसी के चेक मेधावियों को दिए गए थे। चेक के बाउंस होने के बारे में किसी छात्र ने शिकायत भी नहीं की है। चेक कैसे बाउंस हो गया, यह तो बैंक वाले ही जानें।

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