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उत्तर प्रदेश में पान मसाले के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध


🗒 बुधवार, मार्च 25 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की जंग के दौरान उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को सूबे में पान, पान-मसाला और गुटखा बनाने, उसके वितरण व बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसे लेकर कड़े निर्देश दिए थे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। आदेश का उल्लंघन दंडनीय अपराध है। किसी प्रतिष्ठान में इस आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल लाइसेंस निरस्त कर प्रतिष्ठान को बंद कराए जाने के साथ ही अन्य कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। शासन ने सूबे में पान-मसाला की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मिनिस्ती एस ने आदेश में कहा है कि कोविड-19 महामारी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, जिसकी रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश को बुधवार से लॉकडाउन किया गया है। पान मसाला खाकर थूंकने तथा पान मसाला का पाउच छोटा होने के कारण उसका उसके उपयोग से भी कोविड-19 महामारी का संक्रमण फैलने की संभावना के दृष्टिगत यह निर्णय किया गया है।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 30 (2) (क) में आयुक्त खाद्य सुरक्षा को प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अगले आदेश तक पान-मसाला के निर्माण, वितरण व बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गुटखा निर्माण, वितरण व बिक्री पर एक अप्रैल 2013 से प्रतिबंधित है।अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार को कहा था कि बाजारों, सड़कों, दफ्तरों व घरों तक में लोग कोनों-कोनों में पान-मसाला खाकर थूंकते हैं। थूंकने से गंदगी व संक्रमण फैलता है, जिसके चलते इसे प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की जा रही है। थूंक से रोग को लेकर अब गहन विचार करने की जरूरत है। केवल महामारी के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य समय में भी जगह-जगह थूंककर संक्रमण फैलाने की समस्या का स्थायी निदान तलाशना होगा। इसके दृष्टिगत ही प्रदेश में पान, पान-मसाला व गुटखा पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।लखनऊ एसजीपीजीआई डॉक्टर प्रो.ज्ञान चंद ने बताया कि पान-मसाला और तंबाकू के बढ़ते उपयोग और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव चिंता का कारण बन गए हैं। गैर संचारी रोग (एनसीडी) जैसे कि इस्कीमिया, हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, पुरानी सांस की बीमारियां विश्व स्तर पर होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण हैं, जो तंबाकू के सेवन के साथ जुड़ी हैं।

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