यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म के मुकदमे में आडियो क्लिप वायरल होने के बाद आया नया मोड़


🗒 गुरुवार, नवंबर 12 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म के मुकदमे में आडियो क्लिप वायरल होने के बाद आया नया मोड़

वाराणसी, घोसी के सांसद अतुल राय को दुष्कर्म के मामले में फंसाने को लेकर वायरल आडियो क्लिप के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मचा हुआ है। आडियो क्लिप में सत्यम प्रकाश राय, अंगद राय व अधिवक्ता विनोद के बीच बातचीत से यह बात साबित हो रही है कि सांसद को फंसाने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। बातचीत में यहां तक कहा जा रहा है कि दुश्मन को परास्त करना है, भले ही इसके लिए कुछ भी करना पड़ेगा। मुकदमा में यह रखना है कि चार लोगों ने जबरदस्ती सामूहिक दुष्कर्म किया है और वीडियो क्लिप बनाकर धमकी दी है। इसके बाद अतुल को जेल भिजवाना है। वहीं पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच एसपी पुलिस लाइन आदित्य लांबे को सौंप दी गई है। बता दें कि घोसी से सांसद का चुनाव लड़ने के दौरान अतुल राय के सियासी करियर को बर्बाद करने के लिए एक युवती का सहारा लिया गया। आडियो क्लिप के अनुसार, जेल में बंद अंगद राय और सत्यम प्रकाश राय ने उन पर दुष्कर्म और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। ये जेल से ही अपने सहयोगियों और युवती को फोन से निर्देश देते थे।सत्यम नाम को संबोधित करते एक व्यक्ति कहता है कि आज अतुल राय ने प्रेस कांफ्रेंस किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि युवती तबियत खराब होने को लेकर पैसे के लिए आती थी और वह करते थे। लेकिन हमें यह साबित करना है कि चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और वीडियो बनाने की धमकी देते थे। इसके बाद उसके साथ कई बार गलत कृत्य किया। साथ ही यह साबित करना है कि दुष्कर्म के बाद तबियत बिगड़ती थी तो इलाज के लिए पैसे देते थे न कि मदद के लिए। इस तरह मुकदमा करा करा दीजिएगा तो वह फंस जाएगा। एफआईआर में यह दर्ज कराएंगे कि वर्ष 2015 में यूपी कालेज में चुनाव लड़े थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। चुनाव में मदद करने के बाद मिलना-जुलना चालू हुआ। फिर वे कमरे पर बुलवाए और हमारे साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वीडियो को वायरल करने की धमकी देने लगे। साथ ही भाई व मां को मरवाने की बार-बार धमकी दे रहे थे। जब गलत काम करते थे तो उस इलाज के लिए पैसा देते थे, न कि रोटी-चावल के लिए देते थे। यह सब नहीं झेल पाई तो समाज के सामने आ गई। यह लड़ाई जीत जाएंगे तो समझ लीजिए सब हो जाएगा। दो साल, चार साल बाद जमानत हो जाई तब भी नहीं छोड़ना है। दूसरी आवाज आती है कि भगवती माई कि कसम, हम वादा करत हईं, एफआईआर हो गईल और जेल के अंदर चल गईलन तब निकले ना देब।

वाराणसी से अन्य समाचार व लेख

» वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में अगली सुनवाई एक दिसंबर को

» 95 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का अभियान आज भी पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा

» मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वाराणसी में तीन सड़कों का नाम बदला

» कोविड-19 के विरुद्ध जारी अभियान पूरी गंभीरता और जवाबदारी के साथ जारी

» कोविड-19 के विरुद्ध जारी अभियान संजीदगी तथा तन्मयता से जारी

 

नवीन समाचार व लेख

» बिल पास न करने पर ठेकेदारों ने अभियंता के साथ की मारपीट, तीन गिरफ्तार

» फर्रुखाबाद में 30 लाख की रेलवे की सिग्नल केबल ले जाते सेक्शन इंजीनियर समेत चार गिरफ्तार

» एक थप्पड़ मारने से दोस्त इतना गुस्साया, लोहे की रॉड से पीटकर की हत्या

» सॉल्वर गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार, दो हजार रुपये में बिकता था डीएलएड का प्रश्नपत्र

» छह गैंगस्टर और 5 फर्जी जमानतगीरों को पुलिस ने पकड़ा, चार पर हैं हत्या के मुकदमें