ग्रामीण क्षेत्रों मे "प्रधानमंत्री आवास योजना" मे बड़ा गड़बड़झाला सामने आया

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ग्रामीण क्षेत्रों मे "प्रधानमंत्री आवास योजना" मे बड़ा गड़बड़झाला सामने आया


🗒 शुक्रवार, जनवरी 15 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
ग्रामीण क्षेत्रों मे

ब्यूरो चीफ संदीप विश्वकर्मा वाराणसी

वाराणसी - उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों मे प्रधानमंत्री आवास योजना मे भयंकर अनियमितता सामने आयी है।प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों मे लक्ष्य व स्वीकृत आवासों की संख्या से ज्यादा संख्या उन लाभार्थियों की है जिन्हें प्रथम किश्त अवमुक्त की गयी है।इस संबंध मे रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए पूर्व एम एल सी प्रत्याशी व क्रांति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई०राहुल कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले मे 3099 आवासों का लक्ष्य तथा इतने ही स्वीकृत आवास थे परंतु रामपुर मे उस माह 3143 लाभार्थियों को प्रथम किश्त अवमुक्त की गयी।उसी प्रकार अप्रैल माह मे ही हाथरस मे 638 स्वीकृत आवासों के सापेक्ष 642 लाभार्थियों को,चित्रकूट मे 13130 स्वीकृत के सापेक्ष 13167,ललितपुर मे 9448 के सापेक्ष 9472,आगरा मे 3697 के सापेक्ष 3715,मिर्जापुर मे 30908 के सापेक्ष 30957,सोनभद्र मे 28942 के सापेक्ष 28973,देवरिया मे 9104 के सापेक्ष 9146,संभल मे 5238 के सापेक्ष 5242,बाराबंकी मे 24839 के सापेक्ष 24904,बरेली मे 6706 के सापेक्ष 6728,प्रयागराज मे 49554 के सापेक्ष 49583,गाजीपुर मे 15825 के सापेक्ष 15828 तथा लखनऊ मे 9271स्वीकृत आवासों के सापेक्ष 9355 लाभार्थियों को प्रथम किश्त अवमुक्त की गयी है।श्री सिंह ने बताया कि यही हाल वित्तीय वर्ष 2019-20 के मई,जून तथा 2018-19 के जनवरी तथा मार्च माह का भी है जहां स्वीकृत आवासों के सापेक्ष ज्यादा लाभार्थियों को प्रथम किश्त की राशि अवमुक्त कर दी गयी है।वित्तीय वर्ष 2019-20 के जून माह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के रामपुर,गोंडा,हाथरस,लखनऊ,मेरठ,बुलंदशहर, देवरिया,मुरादाबाद,बरेली,चित्रकूट,बाराबंकी,उन्नाव,आगरा,ललिलतपुर,मिर्जापुर,वाराणसी,सोनभद्र,संभल व महाराजगंज जिलों मे स्वीकृत आवासों की संख्या से ज्यादा लाभार्थियों की संख्या है जिन्हे प्रथम किश्त अवमुक्त की गयी है।यही हालात वित्तीय वर्ष 2018-19 मे जनवरी तथा मार्च माह मे भी है जहां स्वीकृत आवासों के सापेक्ष प्रथम किश्त प्राप्त किये लाभार्थियों की संख्या ज्यादा है।श्री सिंह ने बताया कि स्वीकृत आवासों के सापेक्ष ज्यादा लाभार्थियों को प्रथम किश्त कैसे अवमुक्त कर दी गयी ये बड़ा सवाल है।इस प्रकार की गड़बड़ी उत्तर प्रदेश मे प्रधानमंत्री आवास योजना मे साफ तौर पर बड़े घोटाले की तरफ इशारा कर रही है।श्री सिंह ने इस विषय पर तुरंत जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि विस्तृत जांच कराये जाने पर प्रदेश मे प्रधानमंत्री आवास योजना मे बड़ा घोटाला सामने आयेगा

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