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हेल्पलाईन नंबर पर भी नहीं दिया जा रहा कोई जवाब,अस्पतालों मे बेड फुल


🗒 गुरुवार, अप्रैल 22 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
हेल्पलाईन नंबर पर भी नहीं दिया जा रहा कोई जवाब,अस्पतालों मे बेड फुल

ब्यूरो चीफ संदीप विश्वकर्मा वाराणसी

वाराणसी मे लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों मे बेड मिलने को लेकर मरीजों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।इस विषय पर शिकायत दर्ज कराते हुए क्रांति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व एम एल सी प्रत्याशी ई०राहुल कुमार सिंह ने मांग करते हुए कहा है कि वाराणसी जिला प्रशासन कोरोना मरीजों के लिए विभिन्न अस्पतालों मे उपलब्ध सामान्य व आईसीयू बेडों की संख्या को आनलाईन करे।श्री सिंह ने कहा कि कोरोना मरीज गंभीर अवस्था मे पहुंचने अस्पतालों को फोन करते रह जाते हैं तथा किसी अस्पताल मे बेड, आईसीयू अथवा वेंटीलेटर की सुविधा समय रहते नहीं मिल पाती है।जिससे मरीज को बचाने के लिए जरूरी समय मात्र कंट्रोल रूम या अस्पतालों को फोन करने मे गुजर जाता है तथा मरीज की मृत्यु हो जाती है।उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रशासन मात्र अस्पतालों के नंबर जारी कर एक प्रकार की खानापूरी कर रहा है जबकि अस्पतालों मे कितने बेड उपलब्ध हैं इसकि कोई जानकारी किसी के पास नहीं है जिससे मरीज व तिमारदार लगातार हलकान हो रहे हैं।अस्पतालों के नंबर मात्र जारी करने तथा उपलब्ध बेडों की जानकारी न देने का साफ मतलब है कि अस्पतालों मे बेड उपलब्ध नहीं है।
श्री सिंह ने कहा कि वाराणसी भाजपा संसदीय क्षेत्र का हेल्पलाईन नंबर 9415914000 पर रात दो बजे उन्होने किसी मरीज के लिए वाट्स एप मैसेज कर वाराणसी मे कोरोना मरीज के लिए किसी अस्पताल मे उपलब्ध बेड की जानकारी मांगी परंतु मैसेज पढ़ने के बावजूद 12 घंटे बीतने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया।
 
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि पूरे बनारस के लिए कंट्रोल रूम समेत अस्पतालों के कई नंबर जारी किये जा चुके हैं लेकिन कहीं संतोषजनक जवाब नहीं मिलता न ही उपलब्ध बेडों के विषय मे कोई ठोस जानकारी दी जाती है।जबकि अस्पतालों मे उपलब्ध सामान्य व आईसीयू  बेडों की जानकारी सार्वजनिक करने से इतने कंट्रोल रूम व इतने नंबरों को जारी करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी तथा मरीज सीधे उपलब्ध बेड वाले अस्पताल पर जायेगा जहां समय से उसका ईलाज संभव हो पायेगा।इससे कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या मे भी कमी आयेगी।उन्होने कहा कि सरकार तुरंत इस प्रक्रिया को अमल मे लाकर यह जानकारी आनलाईन जारी करे तथा वाराणसी ही नहीं उत्तर प्रदेश के बाकि जिलों मे भी इसे अपनाया जाये जिससे मरीजों को सहूलियत मिले तथा पारदर्शिता 
बनी रहे

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